पाकिस्तान में रह रहे गैंगस्टर ने गुरदासपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या का कथित वीडियो पोस्ट किया
माधव
- 23 Feb 2026, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
चंडीगढ़, 23 फरवरी (भाषा) भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक पंजाब के गुरदासपुर में एक जांच चौकी पर दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या किए जाने के एक दिन बाद, पाकिस्तान में रह रहे एक गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो पोस्ट किया है जिसमें एक अज्ञात शूटर पुलिसकर्मियों में से एक पर बेहद करीब से गोली चलाते हुए दिखाई दे रहा है।
गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा पोस्ट किए गए उसी अपुष्ट वीडियो को तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नामक संगठन ने भी साझा किया, जिसने रविवार को हुई हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी।
पंजाब पुलिस ने इन दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
अपुष्ट वीडियो में, हथियार पकड़े हुए शूटर को सहायक उप निरीक्षक गुरनाम सिंह पर गोली चलाते हुए देखा जा सकता है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मृत पाए गए दो पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की सोमवार को घोषणा की।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग दो किलोमीटर दूर अधियान में तैनात एएसआई सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार के शव रविवार को जांच चौकी में मिले।
मान ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "कर्तव्य के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले एएसआई गुरनाम सिंह और पंजाब होमगार्ड के जवान अशोक कुमार की वीरता और सर्वोच्च बलिदान को सलाम। पंजाब सरकार उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देगी, जबकि एचडीएफसी बैंक भी एक-एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त बीमा राशि देगा।"
उन्होंने कहा, "हम अपने शहीदों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनका बलिदान हम सभी को सम्मान और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देता है।"
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
मामला तब सामने आया जब गांव के सरपंच कमलजीत सिंह को दोरांगला थाना प्रभारी ने सूचना दी कि दोनों पुलिसकर्मी फोन नहीं उठा रहे हैं। सुबह करीब सवा आठ बजे चेकपोस्ट पहुंचे सरपंच ने दोनों को मृत पाया और उनके शरीर पर गोली लगने के घाव थे।
पुलिस के अनुसार एएसआई का शव कुर्सी पर मिला और उनके हाथ जेब में थे, जबकि होम गार्ड का शव चारपाई पर था।
जिस इलाके में शव मिले हैं, वह सीमा पार से ड्रोन के जरिये हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है।
घटना के बाद खुद को तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) बताने वाले संगठन के कथित पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी।
इसी बीच, गुरदासपुर जिले के कैलाशपुर गांव में अशोक कुमार के पार्थिव शरीर का पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम संस्कार में विशेष पुलिस महानिदेशक नरेश अरोड़ा, पुलिस उप महानिरीक्षक संदीप गोयल और गुरदासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विशेष डीजीपी अरोड़ा ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और पूरा पुलिस विभाग मृतकों के परिवार के साथ खड़ा है।
कांग्रेस ने रविवार को इस घटना की केंद्रीय जांच की मांग की थी।
इस बीच, शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने घटना को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने 'एक्स' पर कहा, "भगवंत मान को तुरंत हट जाना चाहिए। गृह मंत्री का पदभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था को ताक पर रख रहे हैं। दो पुलिसकर्मियों की हत्या दिखाती है कि पंजाब में कोई सुरक्षित नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''व्यापार, उद्योग और आम लोगों को डराने के बाद अब गैंगस्टर और आतंकी संगठन सीधे पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। यह शासन नहीं, आत्मसमर्पण है।''
भाषा धीरज माधव
माधव
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