अदालत ने युवा कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
वैभव
- 21 Feb 2026, 11:08 PM
- Updated: 11:08 PM
नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 'एआई इम्पैक्ट समिट' के आयोजन स्थल पर प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए भारतीय युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को शनिवार को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया और दिल्ली पुलिस को उनसे पूछताछ करने की अनुमति दी।
गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, बिहार से युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुंदन यादव; उत्तर प्रदेश से युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने यह दलील देते हुए गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की पांच दिन की हिरासत का अनुरोध किया था कि उन्होंने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी।
उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की।
शनिवार दोपहर को चारों को न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि के सामने पेश किया गया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने पांच दिन की हिरासत में पूछताछ की मांग की।
अदालत ने दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। दोपहर करीब दो बजे अदालत ने पुलिस हिरासत के अनुरोध वाली याचिका को स्वीकार कर लिया।
अदालत का विस्तृत आदेश देर शाम तक सार्वजनिक नहीं किया गया।
सरकारी वकील ने दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद किए जाने आवश्यक हैं और चूंकि वे अलग-अलग राज्यों से हैं, इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
उन्होंने तर्क दिया कि यह एक "गंभीर" मामला है और पुलिस को रोकने का प्रयास किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप तीन पुलिस अधिकारी घायल हो गए।
वकील ने कहा कि इसके अलावा, विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के पीछे की साजिश, धन के स्रोत और टी-शर्ट कहां छपी थीं, इन सब का पता लगाना जरूरी है।
अभियोजक ने दावा किया कि विदेशी प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई इस घटना से देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
वहीं, आरोपियों के वकील ने दलील दी कि वे एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं और उन्होंने 'भारत मंडपम' में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया।
वकील ने कहा कि इनकी गिरफ्तारी से लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंची है और अगर विरोध प्रदर्शन के लिए गिरफ्तारियां की जानी हैं, तो संसद में विरोध-प्रदर्शन करने वाले सांसदों को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
भाषा
शुभम वैभव
वैभव
2102 2308 दिल्ली