उत्तर प्रदेश का अपमान करने का मोदी का आरोप एक 'घटिया रणनीति' : स्टालिन
रवि कांत सुभाष
- 18 May 2024, 04:24 PM
- Updated: 04:24 PM
चेन्नई, 18 मई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर राज्यों के बीच टकराव कराने की ‘‘घटिया रणनीति’’ अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी ऐसा इसलिए कर रहे हैं कि उन्हें ‘‘साम्प्रदायिक नफरत के दुष्प्रचार’’ से चुनाव में कोई मदद नहीं मिल रही है।
स्टालिन ने मोदी पर काल्पनिक कहानियां गढ़ने और झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिलनाडु समेत दक्षिणी राज्यों के नेताओं द्वारा उत्तर प्रदेश के लोगों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने संबंधी मोदी का आरोप पूरी तरह से निराधार और झूठा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिन पहले एक चुनावी रैली में आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के दक्षिणी सहयोगियों ने उत्तर प्रदेश और सनातन धर्म का अपमान किया लेकिन दोनों ही दलों ने चुप्पी साधे रखी।
द्रमुक अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह भाजपा ही थी जिसने तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों पर हमले का ‘‘मनीष कश्यप जैसे यूट्यूबर्स’’ द्वारा किए गए झूठे दावे जैसे फर्जी खबरों का समर्थन व प्रोत्साहन किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के फर्जी दावे समाज में विभाजन पैदा करने के उद्देश्य से किया गया एक प्रकार का नफरती दुष्प्रचार था।
कश्यप को पिछले साल तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी श्रमिकों पर ‘‘हमलों’’ पर फर्जी वीडियो प्रसारित करने के आरोप में (तमिलनाडु) पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कश्यप, पिछले महीने भाजपा में शामिल हुए थे।
स्टालिन ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाने पर कुछ नहीं कहा, जो उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए काफी लाभकारी होगा।
द्रमुक के शीर्ष नेता ने आरोप लगाया कि मोदी केवल नफरत फैलाने में रुचि रखते हैं।
स्टालिन ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा के विभाजनकारी सपने कभी पूरे नहीं होंगे! झूठी कहानी और नफरत टूटेगी, 'इंडिया' जीतेगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी हताश हैं क्योंकि उनके पास अपने दस साल के कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में लोगों को बताने के लिए कुछ नहीं है।
स्टालिन ने कहा कि मौजूदा लोकसभा चुनाव में विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन जीत की ओर बढ़ रहा है जबकि मोदी झूठ और नफरत फैला रहे हैं, जिस पर निर्वाचन आयोग पूरी तरह से चुप है।
भाषा रवि कांत