देहरादून में नकल कराने वाले हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश, दो सदस्य गिरफ्तार
रंजन
- 15 Feb 2026, 12:15 AM
- Updated: 12:15 AM
देहरादून, 14 फरवरी (भाषा) पुलिस ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की भर्ती परीक्षा के लिए देहरादून में बनाए गए एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों को आधुनिक तकनीक के जरिए नकल कराने वाले एक हाईटेक गिरोह के भंडाफोड़ का दावा करते हुए उसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है । एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी ।
उत्तराखंड विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने यह संयुक्त कार्रवाई एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुक्रवार को यहां एमकेपी इंटर कॉलेज में बनाए गए महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर की जहां एसएससी द्वारा ग्रुप सी की भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही थी ।
उन्होंने बताया कि कथित तौर पर नकल कराने में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों को कब्जे में लेने के बाद परीक्षा केंद्र को सील कर दिया गया ।
भरणे ने बताया कि जब परीक्षा केंद्र पर दबिश दी गयी तो परीक्षा लैब के पास बने सर्वर रूम के एक कोने में 24*24 इंच का एक अंडर ग्राउंड चेंबर (गड्ढा) पाया गया जिसमें राउटर के साथ दो लेपटॉप स्वचालित अवस्था में रिमोटली चलाए जाते मिले।
उन्होंने बताया कि इन लैपटॉपों के माध्यम से ऑनलाइन हो रही परीक्षा में प्रश्नपत्रों को हल करने में मदद की जा रही थी ।
भरणे ने बताया कि एसटीएफ टीमों द्वारा लैपटॉपों और राउटर समेत पूरे सिस्टम को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया जिनकी पहचान हाल में दिल्ली के नागलोई में रह रहे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के नीतिश कुमार गौड़ तथा देहरादून के नथुवावाला के भास्कर नैथानी के रूप में हुई है ।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, चार्जर, केबल सहित अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं ।
भरणे ने बताया कि आरोपियों के विरूद्ध उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 61, 111(3)(4) एवं सूचना प्रोद्यौगिकी की धारा 66 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है ।
उन्होंने बताया कि मामले की विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी द्वारा की जायेगी ।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन देकर प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 लाख रु मांगे जाते थे तथा अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर उनके कम्प्यूटर का रिमोटली एक्सेस लेकर उनका प्रश्नपत्र हल किया जाता था।
पूछताछ में आरोपियों के साथियों की जानकारी भी मिली है जिनकी तलाश के लिए पुलिस टीमों द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है ।
उन्होंने कहा, 'संभवत: यह देश का पहला ऐसा मामला है जहां परीक्षा केंद्र के सर्वर रूम में जमीन के अंदर एक पूरा सिस्टम लगाकर रिमोटली एक्सेस के जरिए अन्य जगहों के आईपी एड्रेस से प्रश्नपत्र हल करवाए गए । देखने से लग रहा था कि अभ्यर्थी प्रश्नपत्र हल कर रहा है लेकिन अन्य जगहों से उसे हल करवा कर सबमिट करवाया गया ।'
भाषा दीप्ति
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1502 0015 देहरादून