दस महीने की बच्ची केरल की सबसे कम उम्र की अंगदाता बनी
पवनेश
- 14 Feb 2026, 09:07 PM
- Updated: 09:07 PM
तिरुवनंतपुरम, 14 फरवरी (भाषा) केरल में सबसे कम उम्र की अंगदाता बनी 10 महीने की बच्ची के निधन पर शनिवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने शोक व्यक्त किया और माता-पिता द्वारा उसके अंगदान करने के निर्णय की सराहना की।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने माता-पिता के इस उदार भाव को 'दया का एक असाधारण कार्य और पूरी मानवता के लिए एक संदेश' बताया।
आलिन शेरिन अब्राहम पांच फरवरी को कोट्टायम के पल्लम के पास एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर बृहस्पतिवार को चिकित्सकों ने उसे 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया था।
अधिकारियों ने बताया कि उसके माता-पिता की सहमति से उसके छह अंगों को दान किया गया, जिससे वह राज्य की सबसे कम उम्र की अंगदाता बन गई।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सोशल मीडिया पर एक 'पोस्ट' में कहा कि वह अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन के फैसले से 'बेहद भावुक' हैं, जिन्होंने एक दुर्घटना में अपनी बेटी की दुखद मृत्यु के बाद उसके छह अंग दान करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, ''अपने निस्वार्थ निर्णय से उन्होंने दूसरों को जीवन और आशा का उपहार दिया है। नन्ही आलिन की आत्मा को शाश्वत शांति मिले। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।''
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि सड़क दुर्घटना में बच्ची की मौत से सभी लोग गहरे सदमे में हैं।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, ''असहनीय पीड़ा के बीच, उसके माता-पिता ने उसके अंग दान करने का फैसला किया। केरल की सबसे कम उम्र की अंगदाता बनकर, नन्ही आलिन ने पांच अन्य लोगों को नया जीवन दिया है - करुणा का एक अभूतपूर्व कार्य जो केरल की सच्ची भावना को दर्शाता है।''
केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस विधायक वी डी सतीशान ने भी आलिन की मृत्यु को हृदयविदारक बताया और कहा कि माता-पिता का यह निर्णय पूरी मानवता के लिए एक संदेश है।
अभिनेता मोहनलाल ने बच्ची की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ छोटे बच्चों को नए जीवन की आशा देकर, नन्हे फरिश्ते ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
इस सरकार ने बच्ची का रविवार को राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार करने का आदेश जारी किया है।
अधिकारियों ने बताया कि बच्ची के हृदय वाल्व, यकृत और गुर्दे तिरुवनंतपुरम के विभिन्न अस्पतालों को आवंटित किए गए हैं, जबकि उसकी आंखें एक नेत्र बैंक को दान की जाएंगी।
भाषा धीरज पवनेश
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1402 2107 तिरुवनंतपुरम