उत्तरी दिल्ली में दिनदहाड़े 60 लाख रुपये की लूट के मामले में सात लोग गिरफ्तार
संतोष
- 13 Feb 2026, 06:25 PM
- Updated: 06:25 PM
नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) उत्तर दिल्ली में बंदूक के बल पर दिनदहाड़े 60 लाख रुपये की लूट करने के आरोपी सात बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आरोपियों में उस 'मोबाइल एसेसरीज' कंपनी का एक कर्मचारी भी शामिल है, जिसके पास चोरी की गई नकदी पाई गई थी।
अधिकारी ने बताया कि घटना सात जनवरी को हुई थी।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता संदीप स्वामी शास्त्री नगर के निवासी हैं और करोल बाग स्थित एक 'मोबाइल एसेसरीज' की दुकान में काम करते हैं। उन्हें विभिन्न पार्टियों से नकदी एकत्र कर कार्यालय में जमा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया ने एक बयान में कहा, "सात जनवरी को संदीप अपने सहकर्मी शिवा के साथ रोहिणी सेक्टर-8 से करोल बाग की ओर स्कूटर से जा रहे थे। उनके पास 60 लाख रुपये नकद थे। दोपहर करीब 1.45 बजे जब वे सुभद्रा कॉलोनी स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय के पास पहुंचे, तभी मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और बंदूक के बल पर नकदी छीनकर फरार हो गए।"
उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और रोहिणी से घटनास्थल तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
संबंधित लोगों के 'कॉल डिटेल रिकॉर्ड' का भी विश्लेषण किया गया, जिससे पुलिस को शिवा पर शक हुआ।
लगातार पूछताछ के दौरान शिवा ने कथित तौर पर गिरोह को नकदी की आवाजाही की सूचना देने की बात स्वीकार कर ली। उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसकी निशानदेही पर राजीव, करण, हितेंद्र उर्फ पहाड़ी, सनी उर्फ कैंची, कर्नैल सिंह और नदीम की पहचान की गई।
डीसीपी ने बताया, "11 जनवरी को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से नकदी और पीड़ितों का पीछा करने में इस्तेमाल किया गया स्कूटर बरामद हुआ। शेष चार आरोपियों को 27-28 जनवरी को हिंदूराव अस्पताल के पास उस समय पकड़ा गया, जब वे कार से दिल्ली से भागने की कोशिश कर रहे थे।"
कुल मिलाकर 28.12 लाख रुपये नकद, एक स्कूटर, वारदात में प्रयुक्त कार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि शिवा ने अपने पड़ोसियों कर्नैल सिंह और राजीव समेत अन्य के साथ मिलकर साजिश रची थी और कंपनी की नकदी के आवागमन की जानकारी साझा की थी।
अधिकारी ने बताया कि गिरोह ने करोल बाग में दो करोड़ रुपये से अधिक की एक और सशस्त्र लूट की साजिश रची थी, जिसे उनकी गिरफ्तारी के बाद विफल कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि कई आरोपी बुरे आचरण वाले हैं और दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हथियार दिखाकर लूट, झपटमारी, हत्या के प्रयास तथा शस्त्र अधिनियम के तहत कई मामलों में शामिल रहे हैं।
भाषा राखी संतोष
संतोष
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