होली के मौके पर साथ मिलकर खुशियां मनाने का सपना दुखद घटना में तब्दील: हादसे में मां-बेटी की मौत
संतोष
- 12 Feb 2026, 07:43 PM
- Updated: 07:43 PM
(कैफुल्ला खान)
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) दिल्ली स्थित अपने घर में बेटी और नाती-नातिन से मिलने तथा एक साथ होली मनाने का बेसब्री से इंतजार कर रहा एक बीमार व्यक्ति अब भी इस बात से अनजान है कि उसकी पत्नी और बेटी कभी वापस नहीं लौटेंगी।
बृहस्पतिवार तड़के देहरादून से दिल्ली लौटते समय यहां गाजीपुर टोल प्लाजा के पास एक सड़क दुर्घटना में 55 वर्षीय नीलम और उनकी बेटी दीपांजलि की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है।
पुलिस ने बताया कि इस घटना में दीपांजलि के दो बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक के मस्तिष्क की सर्जरी हुई है।
शादी के बाद अपनी पहली होली मनाने के लिए उत्साहित नीलम का बेटा दीपांशु (28) बुधवार को अपनी बहन और उसके बच्चों को त्योहार से पहले घर लाने के लिए अपनी मां के साथ देहरादून गया। वे रात करीब 10 बजे दिल्ली से निकले और लगभग 1:30 बजे देहरादून पहुंचे।
थोड़ी देर रुकने के बाद, दीपांशु ने बृहस्पतिवार तड़के लगभग दो बजे अपनी बहन दीपांजलि और उसके दो बच्चों - विवान (5) और वाशु (3) के साथ दिल्ली वापसी की यात्रा शुरू की।
सुबह करीब 6:30 बजे उनकी एसयूवी कार गाजीपुर टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर ट्रक से जा टकराई, क्योंकि कार चला रहे दीपांशु को कथित तौर पर झपकी आ गई थी। इस हादसे में नीलम और दीपांजलि की मौके पर ही मौत हो गई।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''मौके पर पहुंची पुलिस ने दीपांजलि और नीलम को बेहोश पाया। उनमें से एक गाड़ी के बाहर पड़ी थी, जबकि दूसरी आगे की यात्री सीट पर फंसी हुई थी। दोनों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया।''
नीलम के भाई सुरेंद्र कुमार मित्तल ने 'पीटीआई-भाषा' से बात करते हुए कहा, ''दीपांशु की शादी के बाद यह उसकी पहली होली है। वह बहुत उत्साहित था और अपनी बहन और भांजों के साथ इस अवसर को मनाना चाहता था, जिनसे वह बेहद प्यार करता है।''
चावल का कारोबार करने वाले दीपांशु के पैर में चोट आई है। बताया जाता है कि बेहोश होने से पहले उन्होंने दीपांजलि के पति अंशुल को फोन करके दुर्घटना की सूचना दी।
नीलम के पति और दीपांजलि के पिता राजेंद्र, जो उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित हैं, को केवल दुर्घटना की सूचना दी गई है।
सुरेंद्र ने कहा, ''हमने अभी तक राजेंद्र को दुर्घटना की पूरी जानकारी नहीं दी है।''
भाषा शफीक संतोष
संतोष
1202 1943 दिल्ली