बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का निर्माण शुरू
अविनाश
- 11 Feb 2026, 09:14 PM
- Updated: 09:14 PM
(तस्वीरों के साथ)
रेजिनगर, 11 फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बहुचर्चित मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू किया।
हाल ही में जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) का गठन करने वाले कबीर ने घोषणा की कि बेलडांगा के रेजिनगर में इस मस्जिद का निर्माण दो साल के भीतर पूरा हो जाएगा और इसकी लागत लगभग 50-55 करोड़ रुपये आयेगी।
यह मस्जिद 11 एकड़ जमीन पर बनाई जा रही है और इसमें लगभग 12,000 लोगों के नमाज अदा करने की क्षमता होगी।
धार्मिक नेताओं एवं सैकड़ों स्थानीय लोगों के उत्साह के बीच, निर्माण श्रमिकों ने दिन में इमारत के लिए ईंटे रखने का समारोह शुरू किया। कबीर ने कहा कि कई पक्षों के विरोध के बावजूद मस्जिद का निर्माण कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है।
निर्माण कार्य में भागीदारी दर्शाने के लिए कई समर्थक अपने सिर पर ईंटें ढोते हुए देखे गए।
जेयूपी प्रमुख ने कहा, "विरोध करने वालों से मैं कहना चाहूंगा कि वे हट जाएं। लोगों को अपने-अपने धर्मों का पालन करने तथा मंदिर, गिरजाघर या जो चाहें बनाने की पूरी आजादी है। मैं इस्लाम के नाम पर किसी का विरोध नहीं करूंगा। मेरा प्रयास अल्लाह को प्रसन्न करना और अपनी धार्मिक आस्था को निभाना है, किसी पर कुछ थोपना नहीं।"
उन्होंने कहा,''इस मस्जिद के निर्माण को रोकने वाली धरती पर कोई ताकत नहीं है। अल्लाह की कृपा से हम दो साल के भीतर इसका निर्माण पूरा कर लेंगे। इसे बनाने में 50-55 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।''
हालांकि कबीर ने घोषणा की कि बोर्ड परीक्षाएं होने के चलते वह फिलहाल अपनी 'बाबरी यात्रा' - नदिया के पलाशी से उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार तक 235 किलोमीटर की रैली - को स्थगित रखेंगे।
उन्होंने कहा कि इसके बजाय, वह बृहस्पतिवार को पलाशी से बेलडांगा तक 22 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे।
कबीर ने पिछले साल छह दिसंबर को अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद की नींव रखी थी।
बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के मौके पर उठाए गए इस कदम से पश्चिम बंगाल में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आयीं। खबरों के मुताबिक उन्होंने पहले दो दिनों में ही 2.85 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा जुटाया था।
भरतपुर से तृणमूल विधायक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था जिसके बाद उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाई।
कबीर ने यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी राज्य के 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से 135 पर प्रत्याशी खड़ा कर आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों को टक्कर देगी।
कबीर ने अब तक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम समेत कई विपक्षी दलों के साथ सीट बंटवारे पर प्रारंभिक बातचीत की है, लेकिन अभी तक किसी के साथ औपचारिक गठबंधन नहीं किया है। भाजपा ने जेयूपी को तृणमूल कांग्रेस की 'बी-टीम' बताया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।
आज के घटनाक्रम पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि यह निर्माण 'मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने' के उद्देश्य से किया जा रहा है लेकिन बंगाल के मतदाताओं पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया, ''हुमायूं कबीर जिस कारण से यह मस्जिद बनवा रहे हैं, उसी कारण से ममता बनर्जी राज्य भर में मंदिर बनवा रही हैं, यानी सांप्रदायिक आधार पर मतदाताओं को एकजुट करने के लिए। इसका मतदाताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि लोगों को विकास की जरूरत है।''
मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण 'कयामत' (कयामत के दिन) तक कभी नहीं होगा।
इस बीच, कबीर एक नए विवाद में फंस गए हैं, क्योंकि पश्चिम बंगाल पुलिस ने मंगलवार को मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में उनके कुछ रिश्तेदारों से संबंधित लगभग 11 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।
तृणमूल सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाते हुए, कबीर ने मस्जिद के निर्माण स्थल से घोषणा की कि वह 14 फरवरी को मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय का घेराव करेंगे।
उन्होंने घोषणा की, "यह तृणमूल का बदला लेने का तरीका है क्योंकि मैंने राजनीतिक रूप से दो-दो हाथ किया...। मैं अदालत जाऊंगा। लेकिन उससे पहले, मैं शनिवार को एक लाख लोगों के साथ मुर्शिदाबाद एसपी कार्यालय का घेराव करूंगा। मेरे पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि मेरे रिश्तेदारों को फंसाया जा रहा है।"
भाषा राजकुमार अविनाश
अविनाश
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