राजस्थान के बजट से समाज का हर वर्ग हताश: अशोक गहलोत
नोमान
- 11 Feb 2026, 08:13 PM
- Updated: 08:13 PM
जयपुर, 11 फरवरी (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान के आगामी वित्त वर्ष के बजट को निराशाजनक बताते हुए बुधवार को कहा कि इससे समाज का हर वर्ग हताश हुआ है।
राजस्थान का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट बुधवार को विधानसभा में पेश किया गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा, "बजट न सिर्फ निराशाजनक है बल्कि प्रदेश की जनता में भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा करने वाला है। भाजपा सरकार के बजट में कोई घोषणा ऐसी नहीं है जिसे व्यापक जनहित में कहा जा सके। समाज का हर वर्ग इस बजट को देखकर हताश होगा।"
उन्होंने एक बयान में कहा कि बुनियादी ढांचे की बात करने वाली भाजपा सरकार ने पूरे बजट में रिफाइनरी तथा पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) जैसी बड़ी परियोजनाओं का जिक्र तक नहीं किया है। पिछले बजट में रिफाइनरी का उद्घाटन अगस्त 2025 तक करने की घोषणा की गई जो आज तक पूरी नहीं हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हर वर्ष 15 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रावधान तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने किया था और पिछले दो बजट में इसमें बढ़ोतरी की घोषणा भी की जाती थी लेकिन इस बार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में इजाफे की कोई घोषणा न होने से 90 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों में निराशा हुई है।
उन्होंने कहा कि पांच साल में चार लाख सरकारी नौकरी की आस लगाकर बैठे युवाओं के लिए किसी बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की गई है और कम पदों पर भी भर्तियां संविदा आधार पर करने की घोषणा की गई है।
गहलोत ने कहा कि बजट में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की तर्ज पर राज्य परीक्षा एजेंसी (एसटीए) बनाने की घोषणा की गई है, लेकिन एनटीए बीते दिनों विवादों का केंद्र बनी थी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि एसटीए केवल और केवल भाजपा सरकार के दौरान हो रहे ओएमआर घोटाले से युवाओं का ध्यान हटाने की कवायद लगती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान गरीब वर्ग के लिए शुरू की गई अन्नपूर्णा राशन किट को बहाल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
गहलोत के अनुसार, राज्य के सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जिन मांगों को लेकर उन्होंने जयपुर में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था उन पर ध्यान दिया जाएगा एवं इससे संबंधित घोषणा की जाएगी मगर उन्हें भी निराशा हाथ लगी।
गहलोत ने आरोप लगाया नए जिलों पर भी भाजपा केवल राजनीति कर रही है।
नल कनेक्शन की सरकार की बजटीय घोषणा पर उन्होंने कहा, "वित्त मंत्री ने 2024 के बजट में 25 लाख नल कनेक्शन एवं 2025 के बजट में 20 लाख नल कनेक्शन उक्त वित्त वर्षों में देने की घोषणा की थी। आज स्वयं वित्त मंत्री ने बताया है कि दो साल में 14 लाख जल कनेक्शन ही लगाए जा सके हैं जबकि वादा 45 लाख नल कनेक्शन का था।"
उन्होंने कहा कि ये सरकार की खुली असफलता है जबकि यही भाजपा कांग्रेस सरकार पर जल जीवन मिशन की धीमी गति करने के आरोप लगाती थी।
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार कांग्रेस सरकार में एक भावना थी कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए काम मांगते-मांगते थक जाएंगे पर सरकार काम देते-देते नहीं थकेगी।
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस सरकार ने सिर्फ कहा नहीं बल्कि करके दिखाया एवं घोषणाएं जमीन पर उतरीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की हालत देखने के बाद न तो जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए कुछ मांग पा रहे हैं और न ही सरकार कुछ काम दे पा रही है।
भाषा पृथ्वी नोमान
नोमान
1102 2013 जयपुर