सीआईसी ने अधिकारी की मौत के मामले में सैन्य जांच का खुलासा करने का आदेश दिया
रंजन
- 10 Feb 2026, 08:37 PM
- Updated: 08:37 PM
(मोहित सैनी)
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) मानवाधिकार का हवाला देते हुए केंद्रीय सूचना आयोग ने सेना और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को एक सैन्य अधिकारी की मौत के मामले में उनके पिता की दायर अपील पर सुनवाई करते हुए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के मुख्य निष्कर्षों को साझा करने का निर्देश दिया है।
दिवंगत कैप्टन अभिषेक मिश्रा के पिता संतोष कुमार मिश्रा द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए आयोग ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम की दूसरी अनुसूची के तहत सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को उपलब्ध छूट का हवाला देकर मांगी गई जानकारी से इनकार नहीं किया जा सकता है।
आदेश में कहा गया कि मांगी गई जानकारी सेवा के दौरान एक कर्मी की मृत्यु से संबंधित है, जो सीधे तौर पर मानवाधिकार से संबंधित है।
कैप्टन मिश्रा की बीआरओ में तैनाती के दौरान एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जिसके बाद 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' गठित की गई। उनके पिता ने जांच के निष्कर्षों, गवाहों के बयानों और संबंधित दस्तावेजों की मांग करते हुए कहा कि दुर्घटना की परिस्थितियां "मामले में भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती हैं।"
केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) ने जानकारी को तीसरे पक्ष की सामग्री के रूप में माना और आरटीआई अधिनियम के तहत संगठन को मिली छूट का हवाला देते हुए अनुरोध को खारिज कर दिया।
इस दृष्टिकोण पर आपत्ति जताते हुए, केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा कि अपीलकर्ता कोई तीसरा पक्ष नहीं बल्कि मृत अधिकारी का पिता था। आदेश में कहा गया, "आयोग इसे तीसरे पक्ष की सूचना मानने के लिए सीपीआईओ पर कड़ी आपत्ति जताता है।"
सीआईसी ने अपीलकर्ता को हुए व्यक्तिगत नुकसान का भी उल्लेख किया। सीआईसी ने कहा, "आयोग अपीलकर्ता के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता है, जिसने अपने युवा बेटे को खो दिया, जो सैन्य अधिकारी था। आयोग उनके मृत बेटे के लिए न्याय की तलाश में किए गए प्रयासों का संज्ञान लेता है।''
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और भारतीय वायु सेना से संबंधित मामलों सहित पूर्व के फैसलों का हवाला देते हुए, आयोग ने कहा कि उसने "लगातार कहा है कि मृतक अधिकारी की मृत्यु से संबंधित जांच रिकॉर्ड के लिए परिजन हकदार हैं" भले ही आरटीआई कानून के तहत संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण को छूट प्राप्त हो।
आयोग ने उल्लेख किया कि अपीलकर्ता को "साजिश की आशंका है और उसने अपने बेटे की मौत के मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।" आयोग ने संयुक्त निदेशक और सीपीआईओ को 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के निष्कर्ष बताने और सेवा शर्तों के कारण मौत के किसी भी पहलू से संबंधित प्रासंगिक जानकारी का खुलासा करने का निर्देश दिया।
भाषा आशीष रंजन
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