राम जलसेतु लिंक परियोजना से पूर्वी राजस्थान के 17 जिले लाभान्वित होंगे: जल संसाधन मंत्री
धीरज
- 09 Feb 2026, 07:39 PM
- Updated: 07:39 PM
जयपुर, नौ फरवरी(भाषा) राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने सोमवार को कहा कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना (राम जल सेतु लिंक परियोजना) से राज्य के 17 पूर्वी जिले लाभान्वित होंगे।
मंत्री ने यह टिप्पणी बंदूी जिले के गुहाटा में सोमवार को परियोजना कार्यों का निरीक्षण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान की। उन्होंने निर्माणाधीन चंबल जलसेतु (एक्वाडक्ट) कार्य स्थल पर अभियंताओं से परियोजना की विस्तृत जानकारी ली।
रावत ने चंबल जलसेतु के कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा की दिशा में चंबल जलसेतु मील का पत्थर साबित होगा।
परियोजना के तहत चंबल नदी पर 2.3 किलोमीटर लंबा जलसेतु का निर्माण किया जा रहा है, जिसे जून, 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
रावत ने बताया कि राम सेतु लिंक परियोजना के प्रथम चरण के पैकेज-2 के अंतर्गत 2330 करोड़ रुपये की लागत से जलसेतु बनाया जा रहा है। यह जलसेतु कोटा जिले की दीगोद तहसील के पीपलदा समेल गांव से बूंदी जिले के इंद्रगढ़ तहसील के गुहाटा गांव के बीच बनाया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि इस जलसेतु के बनने के बाद कालीसिंध नदी पर निर्मित नवनेरा बैराज से पानी मेज नदी तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद मैज बैराज से पानी गलवा बांध तक और वहां से बीसलपुर और ईसरदा बांध में पहुंचाया जाएगा। इसके बनने से आमजन को आवागमन के लिए अतिरिक्त मार्ग भी उपलब्ध होगा।
रावत के मुताबिक चंबल नदी पर बन रहे जलसेतु की लंबाई 2280 मीटर होगी जबकि चौड़ाई 41.25 मीटर और गहराई 7.7 मीटर होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना पर मई, 2025 में कार्य शुरू हुआ।
मंत्री के मुताबिक जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में यह परियोजना प्रदेश के लिए अहम होगी और राजस्थान जल आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से अग्रसर होगा।
रावत ने बताया कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना(ईआरसीपी) को वृहद स्वरूप देते हुए संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना (लगभग 90 हजार करोड़ रुपये) तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण में राज्य के 17 जिलों की लगभग 3.25 करोड़ आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, सिंचाई एवं उद्योगों के लिए भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
भाषा बाकोलिया राजकुमार धीरज
धीरज
0902 1939 जयपुर