पार्टी नेताओं को बचाने के लिए दूसरों पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश रहे हें विजयन : वेणुगोपाल
रंजन
- 07 Feb 2026, 06:04 PM
- Updated: 06:04 PM
कोच्चि, सात फरवरी (भाषा) कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शबरिमला स्वर्णचोरी प्रकरण में कथित तौर पर अपना विवेक गंवा देने और अपने पार्टी सदस्यों को बचाने के लिए दूसरों को दोषी ठहराने की कोशिश करने पर उन्हें उन पर तरस आता है।
वेणुगोपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल में जो यह दावा किया कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को 2004 में वेणुगोपाल के देवस्वओम मंत्री के रहने के दौरान प्रवेश की अनुमति मिली थी, वह 'राजनीत से प्रेरित' है।
आलप्पुझा से सांसद वेणुगोपाल ने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री में शबरिमला से कथित तौर पर सोने के गबन के मामले में जेल में बंद अपनी पार्टी के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस नहीं है।
उन्होंने कहा, ''वह (विजयन) अब शबरिमला में सोने के गायब होने का दोष दूसरों पर डालने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। मुझे उन पर तरस आता है। मौजूदा हालात में तो यही लगता है कि उन्होंने अपना सारा विवेक गंवा दिया है, क्योंकि उनका दावा है कि पोट्टी को शबरिमला में प्रवेश इसलिए मिला क्योंकि मैं 22 साल पहले देवस्वओम मंत्री था।''
वेणुगोपाल ने तर्क दिया कि सोने की चोरी के मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) मुख्यमंत्री के नियंत्रण में है, इसलिए उसे इस बात की जांच करनी चाहिए कि पोट्टी को मंदिर में प्रवेश दिलाने में किसने मदद की।
उन्होंने कहा, ''अगर वह (विजयन) यह सोचते हैं कि दूसरों पर दाग लगाकर वह अपने ऊपर लगे दाग को धो सकते हैं, तो हम उन पर तरस खाने के अलावा कुछ नहीं कर सकते।''
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सोने की चोरी के मामलों में असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के संयोजक अडूर प्रकाश से एसआईटी द्वारा पूछताछ किए जाने के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा, ''उसे पूछताछ करने दीजिए।''
उन्होंने कहा, ''कानून को अपना काम करने दीजिए। हम शुरू से यही कहते आ रहे हैं। केरल के लोग जानते हैं कि शबरिमला से सोना किसने चुराया और दोषियों को कौन संरक्षण दे रहा है।''
उन्होंने कहा, ''मामला सामने आने के बाद अपनी शर्मिंदगी छिपाने के लिए वे (माकपा के नेता) ये खेल खेल रहे हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आरोप ''राजनीति से प्रेरित' हैं।
वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि उन्हें अपने खिलाफ किसी भी तरह की जांच से डर नहीं है, चाहे वह किसी भी अवधि की हो, जिसमें केरल सरकार में मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल भी शामिल है।
उन्होंने दावा किया कि पोट्टी को 2007 में शबरिमला में नौकरी मिली थी। उन्होंने पूछा कि उस समय देवस्वओम मंत्री कौन थे।
वेणुगोपाल ने तर्क दिया, ''इस मुद्दे से प्रभावित होने के बाद, अब वे दूसरों को भी फंसाने की असफल कोशिश कर रहे हैं।''
सबरीमाला के सोने के गायब होने का मामले भगवान अयप्पा मंदिर में द्वारपाल (संरक्षक देवता) की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों से कथित रूप से सोने की हेराफेरी से संबंधित हैं, जो कलाकृतियों पर चढ़ावे की नई परत चढ़ाने के बाद हुई थी।
भाषा राजकुमार रंजन
रंजन
0702 1804 कोच्चि