भाजपा ने भारत-अमेरिका समझौते पर रमेश की टिप्पणी की आलोचना की
रंजन
- 07 Feb 2026, 08:19 PM
- Updated: 08:19 PM
नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अपने कृषि और डेयरी क्षेत्रों को "दृढ़ता से संरक्षित" किया है और कांग्रेस पर लोगों के बीच "संदेह और भ्रम" पैदा करने के लिए दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप लगाया।
केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के लिए ''काफी लाभकारी'' होगा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह हमेशा देश की आर्थिक वृद्धि के खिलाफ रहती है।
भाजपा की यह टिप्पणी तब आयी जब कांग्रेस ने अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर जारी संयुक्त बयान से स्पष्ट हो गया है कि ''गले मिलने वाली कूटनीति और तस्वीरें खिंचवाने का भारत के लिए कुछ खास नतीजा नहीं निकला।''
रमेश ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, "अभी तक इस समझौते के विवरण घोषित नहीं किए गए हैं, उनके बारे में शायद आने वाले कुछ महीनों में बताया जाए। लेकिन जो संयुक्त बयान जारी हुआ है, उससे कुछ बातें बिल्कुल साफ़ हैं। पहली, हम अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क को खत्म करेंगे या कम करेंगे। यह साफ़ तौर पर अमेरिकी किसानों के लिए फ़ायदे की बात है, भारतीय किसानों के लिए नहीं।"
उन्होंने कहा, "दूसरी बात, जो बिल्कुल स्पष्ट है, वह यह है कि हम रूसी तेल का आयात बंद करने जा रहे हैं और अलग से अमेरिकी सरकार ने यह भी ऐलान कर दिया है कि अगर हम रूस से सीधे या परोक्ष रूप से तेल आयात करते हैं, तब भी हम पर 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क लगाया जाएगा।"
उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत के हितों की पूर्ति नहीं हुई है।
रमेश ने दावा किया, ''प्रधानमंत्री संसद में घबराए हुए नज़र आए, वह असहज थे। वे लोकसभा में नहीं आए। वे राज्यसभा में आए और वहां 97 मिनट का चुनावी भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सिर्फ़ कांग्रेस को निशाना बनाया और विपक्ष द्वारा उठाए गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। मोदी ने जिस तरह की 'गले मिलने की कूटनीति की है, कई तस्वीरें उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खिंचवाई है, उसके बावजूद यह व्यापार समझौता ऐसा नहीं है जिसके बारे में हम कह सकें कि हमारे हितों को आगे बढ़ाया गया है।''
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने कृषि और दुग्ध उत्पादन क्षेत्रों में अपने हितों की रक्षा पूर्ण परिपक्वता और दृढ़ संकल्प के साथ की है।
उन्होंने भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "सरल शब्दों में कहें तो, जिन चीजों की रक्षा की गई है उनमें गेहूं, चावल, चीनी, दालें, बाजरा, लाल ज्वार और दुग्ध उत्पाद शामिल हैं।"
उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के ढांचे का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने कहा, "इसके बाद विपक्षी दलों द्वारा लगातार फैलाई जा रही किसी भी प्रकार की शंका या भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है।"
इस समझौते को देश के लिए एक बहुत ही "प्रसन्नता वाला और शुभ" क्षण बताते हुए, त्रिवेदी ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे जैसे नॉर्डिक देशों और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करके "छक्का मारा" है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने रमेश पर पलटवार करते हुए दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक स्तर पर समझौता करने वाले के रूप में उभरते देखकर कांग्रेस स्पष्ट रूप से असहज है।
भंडारी ने 'एक्स' पर पोस्ट करके सवाल किया, ''कांग्रेस भारत के लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का हमेशा विरोध क्यों करती है?''
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता भंडारी ने कहा, ''कांग्रेस यह पचा नहीं पा रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने यूरोपीय संघ के साथ 'सबसे बड़ा समझौता' और अब अमेरिका के साथ एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे हमारे किसानों, निर्यातकों और एमएसएमई के लिए 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक अवसर पैदा हुआ है।''
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह समझौता सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए महत्वपूर्ण लाभ देगा, साथ ही देशभर में महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर पैदा करेगा।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए रूपरेखा तैयार की है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए लगभग 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के बाजार तक पहुंच खुल गई है।''
पात्रा ने कहा कि इस रूपरेखा का एक प्रमुख परिणाम भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत किया जाना है, साथ ही जेनेरिक दवाइयों, रत्न और हीरे तथा विमान के पुर्जों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में शून्य शुल्क की पहुंच प्रदान करना है।
उन्होंने कहा, ''ये सभी कदम भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा को मजबूत करते हैं, 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देते हैं और वस्त्र एवं चमड़ा से लेकर रसायन, मशीनरी और हस्तशिल्प उत्पादों तक के क्षेत्रों के लिए अवसरों का विस्तार करते हैं।''
भाजपा नेता ने कहा कि भारत के संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को दी गई स्पष्ट सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वैश्विक व्यापार के विस्तार के बावजूद किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह से रक्षा हो।
उन्होंने कहा, "ऐसे में जब हम विकसित भारत के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं, यह समझौता भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी की बढ़ती मजबूती और सतत विकास, नवाचार और हमारे लोगों की समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।''
भाषा
अमित रंजन
रंजन
0702 2019 दिल्ली