पूर्व भारतीय राजदूतों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को सराहा
पवनेश
- 03 Feb 2026, 10:21 PM
- Updated: 10:21 PM
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बनी सहमति की कई पूर्व राजदूतों ने सराहना की और 'ऐतिहासिक समझौता' व 'अत्यंत सकारात्मक पहल' करार दिया।
भारत-अमेरिकी समझौते के तहत वाशिंगटन ने भारतीय वस्तुओं पर लगाये जाने वाले शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
एक पूर्व राजनयिक और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि हालांकि शुल्क में कमी 'बड़ी राहत' है, लेकिन एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता पूरा होने में 'कुछ समय लगेगा'।
पूर्व राजदूत अनिल वाधवा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "मैं इसे एक बहुत अच्छी पहल के तौर पर देखता हूं, जिसकी भारत काफी समय से उम्मीद कर रहा था। इससे हमें कई तरह से मदद मिलेगी, विशेषरूप से श्रम प्रधान उद्योगों में।"
उन्होंने कहा, "यह अमेरिका के साथ अन्य क्षेत्रों जैसे प्रौद्योगिकी आदि में साझेदारी के नए रास्ते भी खोलेगा। कुल मिलाकर, एक अच्छा कदम है।"
इटली, पोलैंड और ओमान में भारत के राजदूत रह चुके वाधवा ने इस समझौते को दोनों पक्षों के लिए एक "सकारात्मक पहल" बताया।
उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी राहत शुल्क को 18 प्रतिशत करना है, जो बहुत मददगार साबित होगा।"
अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने इस समझौते को 'ऐतिहासिक' बताया और कहा कि शुल्क में कमी से 'हमारे निर्यातकों को बहुत बड़ा लाभ' मिलेगा।
उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हाल ही में हुए समझौते का जिक्र करते हुए कहा, "अगर वह समझौता सबसे महत्वपूर्ण था, तो यह सबसे बड़ा समझौता है।" भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी।
श्रृंगला ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच हुई बातचीत के आधार पर कल (सोमवार को) व्यापार समझौते पर सहमति बनी।
उन्होंने कहा, ''हमें समझौते की मोटी-मोटी बातें पता हैं... और विवरण अधिकारी तय करेंगे। यह जानना जरूरी है, जो आंकड़ा दिया जा रहा है, वह 18 प्रतिशत है।''
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने व्यापार समझौते को एक 'बड़ी जीत' बताया, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए व्यापक अवसर खुलेंगे।
क्वात्रा ने मंगलवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में महत्वपूर्ण साझेदारी एक बड़ी जीत है।"
उन्होंने कहा कि यह समझौता 'दोनों अर्थव्यवस्थाओं और दोनों महान राष्ट्रों के लोगों के लिए नए अवसर उत्पन्न करेगा।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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