उत्तराखंड: झूलाघाट सीमा पुल पर चेहरा पहचान प्रणाली का परीक्षण शुरू
जितेंद्र
- 02 Feb 2026, 06:56 PM
- Updated: 06:56 PM
पिथौरागढ़, दो फरवरी (भाषा) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारत-नेपाल सीमा स्थित झूलाघाट पुल पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सोमवार को चेहरा पहचान प्रणाली शुरू कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एसएसबी की 55वीं बटालियन ने सीमा पार करने के इच्छुक दोनों देशों के नागरिकों की पहचान के लिए यह कदम उठाया है और इस प्रणाली को फिलहाल परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया है।
एसएसबी के कमांडेंट आशीष कुमार ने बताया, "इस प्रणाली को एक माह के लिए प्रायोगिक परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया है। प्रणाली का परीक्षण पूरा होने के बाद उसकी रिपोर्ट एसएसबी के महानिदेशक को भेजी जाएगी, जो इसे जारी रखे जाने या रोकने के बारे में निर्णय लेंगे।"
उन्होंने बताया कि व्यवसायिक, धार्मिक और पारिवारिक कार्यों के लिए अक्सर सीमा पार करने वाले व्यक्तियों को पहचानने में यह प्रणाली बहुत लाभदायक होगी क्योंकि वे पहले से ही डिजिटलीकृत होंगे जबकि सीमा पर नए प्रवेश करने वालों की पहचान कंप्यूटर में दर्ज की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि चेहरा पहचान प्रणाली सीमा पर लगाए गए 'क्लोज सर्किट कैमरों' के जरिए महानिदेशक कार्यालय से जुड़ी रहेगी और इस तरह सीमा पार करने वाले हर व्यक्ति की सूचना कार्यालय के पास रहेगी।
उन्होंने बताया, "यह प्रणाली नेपाल में त्रिपुरा सुंदरी देवी की पूजा के लिए जाने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई। देवी की पूजा सीमा के दोनों ओर की जाती है।"
अधिकारी ने बताया कि चेहरा पहचान प्रणाली बहुत आसान है और यह केवल 10 सेकंड में व्यक्ति की पहचान प्रस्तुत कर देती है जबकि पहले वाली प्रणाली में इससे पांच गुना अधिक समय लगता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रणाली को जारी रखे जाने के संबंध में निर्णय से पहले शहर के व्यापारियों की सलाह को भी ध्यान में रखा जाएगा।
झूलाघाट व्यापार मंडल के अध्यक्ष योगेश भट्ट ने कहा कि यह प्रणाली बहुत तेज एवं प्रभावी है लेकिन इसके साथ गोपनीयता के उल्लंघन और पहचान के दुरुपयोग से संबंधित कुछ आशंकाएं भी जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने बताया, "हम इस संबंध में अपना मत देने से पहले सीमा के दोनों ओर के व्यापारियों और अन्य हितधारकों से बातचीत करेंगे।"
भाषा सं दीप्ति जितेंद्र
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0202 1856 पिथौरागढ़