आंध्र प्रदेश से किए वादे पूरे करने में असफल रहीं भाजपा, तेदेपा, वाईएसआरसीपी : जयराम रमेश
सिम्मी माधव
- 11 May 2024, 08:59 PM
- Updated: 08:59 PM
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में किए वादों को पूरा करने में विफल रही हैं।
कांग्रेस महासचिव ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता से पीछे हटते हुए आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने से इनकार कर दिया।
वर्ष 2014 के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत आंध्र प्रदेश को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों में विभाजित कर दिया गया। विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश पर तेदेपा और वाईएसआरसीपी का शासन रहा है।
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मई 2014 में सत्ता में आने के बाद से भाजपा, तेदेपा और वाईएसआरसीपी आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तहत किए वादों को व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से पूरा करने में विफल रही हैं। डॉ. मनमोहन सिंह का सपना 10 साल बाद भी अधूरा है।’’
उन्होंने विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मोदी सरकार ने वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं से पीछे हटते हुए आंध्र प्रदेश को उसका हक देने से इनकार कर दिया है।’’
रमेश ने कहा कि पोलावरम परियोजना को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के तहत राष्ट्रीय दर्जा दिया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार इसके लिए धन का आवंटन बरकरार रखने में विफल रही है।’’
रमेश ने यह भी दावा किया कि आंध्र प्रदेश में नए रेलवे क्षेत्र और एक कृषि विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाओं का ‘‘कोई अता-पता’’ नहीं है, जबकि कडप्पा इस्पात संयंत्र, काकीनाडा पेट्रो कॉम्प्लेक्स और दुगराजपत्तनम बंदरगाह ‘‘गायब’’ हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और तिरुपति में हवाई अड्डों की विस्तार परियोजनाओं पर प्रगति ‘‘धीमी’’ है।
रमेश ने कहा कि विशाखापत्तमन-चेन्नई औद्योगिक गलियारे का काम ‘‘बहुत धीमी गति’’ से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस और ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन आंध्र प्रदेश को न्याय दिलाएंगे और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में किए गए सभी वादों को पूरा करेगा।’’
आंध्र प्रदेश की 25 लोकसभा और 175 विधानसभा सीट के लिए 13 मई को एक साथ मतदान होगा। तेलंगाना की 17 लोकसभा सीट पर भी उसी दिन मतदान होगा।
आंध्र प्रदेश में भाजपा तेदेपा और पवन कल्याण की जनसेना के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है।
भाषा सिम्मी