आबादी बढ़ रही है, ऐसे में मुसलमानों के असुरक्षित होने का कोई कारण नहीं : अनुराग ठाकुर
प्रशांत माधव
- 11 May 2024, 04:49 PM
- Updated: 04:49 PM
(तस्वीरों के साथ)
हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), 11 मई (भाषा) भारत के जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर एक नयी रिपोर्ट का हवाला देते हुए, सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने आश्चर्य जताया कि देश में मुसलमान कैसे असुरक्षित महसूस कर सकते हैं, खासकर जब उनकी आबादी में कथित तौर पर 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और वे सरकारी कल्याण कार्यक्रमों के बराबर के लाभार्थी रहते हैं।
हाल में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद द्वारा जनसंख्या प्रवृत्तियों पर जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 1950 और 2015 के बीच बहुसंख्यक हिंदुओं की आबादी में 7.82 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि मुसलमानों की आबादी में 43.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे संकेत मिलता है कि विविधता को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल वातावरण है। हालांकि, इसने पूर्ण संख्याएं नहीं दीं।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ठाकुर ने शुक्रवार देर रात ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अल्पसंख्यक स्पष्ट रूप से फूल-फल रहे हैं और उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि भाजपा संविधान बदल देगी। उन्होंने कहा, “इसके विपरीत, भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को किसी के द्वारा कम या बदला नहीं जाए।”
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से चार बार के सांसद ने कांग्रेस पार्टी पर एससी/एसटी/ओबीसी के आरक्षण को छीनने और मुसलमानों को प्रदान करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के सतपाल रायजादा से है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस का लक्ष्य अपनी तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए लोगों की संपत्ति हड़पना और उसे मुसलमानों को प्रदान करना है।
कांग्रेस ने अन्य भाजपा नेताओं द्वारा किए गए इन दावों को झूठ और उसके घोषणापत्र को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाला बताया है।
ठाकुर ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा है कि वह एससी, एसटी और ओबीसी के लिए निर्धारित कोटा को छीनकर धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति कभी नहीं देंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या बदलती जनसांख्यिकी के मद्देनजर जनसंख्या नियंत्रण पर नीति में बदलाव या इस मुद्दे पर कानून की जरूरत है, ठाकुर ने कहा कि नयी सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करेगी और फिर चर्चा के बाद फैसला लेगी क्योंकि जनसंख्या के आंकड़े अभी सार्वजनिक क्षेत्र में आए हैं।
उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि 65 वर्षों में भारत में मुसलमानों की आबादी लगभग 45-47 प्रतिशत बढ़ी है।
उन्होंने कहा, “ये आंकड़े क्या बताते हैं। एक तरफ हिंदुओं की आबादी में 7.8 प्रतिशत की गिरावट आई तो दूसरी तरफ मुसलमानों की आबादी में 45-47 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके पीछे के कारणों पर विचार करना होगा।”
ठाकुर ने कहा, “पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में 1947 में हिंदुओं की आबादी 23 प्रतिशत थी, अब वे सिर्फ दो प्रतिशत ही बचे हैं। और फिर भी, भारत में कुछ लोग कहते हैं कि मुसलमान असुरक्षित हैं। उनकी आबादी 45 प्रतिशत बढ़ गई है, फिर भी वे कहते हैं कि वे असुरक्षित हैं।”
मंत्री ने कहा, “वे कैसे असुरक्षित हैं? हमने कभी नहीं कहा कि मजबूरी में हमें वोट दो, हमने वोट बैंक की कोई राजनीति नहीं की है। हमने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के संकट से मुक्त कराया, हमने मुस्लिम महिलाओं को पक्के घर, शौचालय और मुफ्त (रसोई गैस) सिलेंडर के अलावा मुफ्त चिकित्सा उपचार भी प्रदान किया है, भले ही उनके आठ बच्चे हों। हमारी योजनाओं से उन्हें भी लाभ हुआ है।”
संविधान पर उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “संविधान में कोई बदलाव नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि भाजपा संसद में पूर्ण बहुमत के साथ पिछले 10 वर्ष से सत्ता में है। ठाकुर ने कहा, फिर भी, उसने कोई संवैधानिक संशोधन नहीं किया है।
उन्होंने आरोप लगाया, “वह कांग्रेस है जिसने हमेशा संविधान संशोधन किया है।...कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को भी सम्मान नहीं दिया।”
ठाकुर ने कहा, “मैं इस देश और युवाओं को बताना चाहता हूं कि इंदिरा गांधी ने ही लोकतंत्र की हत्या की थी और अगर किसी ने संविधान को कुचलने की कोशिश की है तो वह अरविंद केजरीवाल हैं।”
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