रास में भाजपा सदस्य के बिना कारण प्रश्न वापस लेने के विरोध में विपक्ष ने किया बहिर्गमन
मनीषा माधव
- 10 Dec 2025, 03:26 PM
- Updated: 03:26 PM
नयी दिल्ली, 10 दिसम्बर (भाषा) कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने बुधवार को राज्यसभा से उस समय बहिर्गमन कर दिया, जब भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य ने गृह मंत्री अमित शाह से देश में फोरेंसिक क्षमताओं को बढ़ाने को लेकर पूछे गए अपने प्रश्न को बिना कोई कारण बताए वापस ले लिया।
भाजपा सांसद आदिया प्रसाद ने गृह मंत्री से पूछा जाने वाला एक प्रश्न दिया था, जिसे तारांकित प्रश्न के रूप में स्वीकार किया गया था। तारांकित प्रश्नों का उत्तर मंत्री मौखिक रूप से देते हैं और सदस्यों को तुरंत पूरक प्रश्न पूछने का अवसर मिलता है।
राज्यसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रश्न सूची के अनुसार, प्रसाद का प्रश्न बुधवार के प्रश्नकाल में क्रम संख्या दो पर था। हालांकि, एक ‘संशोधित टिप्पणी’ में कहा गया कि इस प्रश्न को ‘‘वापस लिया हुआ’’ माना जाए।
जब सभापति सी पी राधाकृष्णन प्रसाद के प्रश्न को छोड़ते हुए अगले प्रश्न पर चले गए, तो कांग्रेस नेता जयराम रमेश व अन्य सदस्यों ने पूछा कि प्रश्न क्यों वापस लिया गया।
सभापति ने कहा, ‘‘आप नियम जानते हैं। नियम 53 के अनुसार कोई भी सदस्य अपनी इच्छा से प्रश्न वापस ले सकता है। आप भी चाहें तो ऐसा कर सकते हैं। मैं सदस्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।’’
राधाकृष्णन ने कहा कि उन्हें ‘‘इसे (मुद्दे को) उठाने का कोई अधिकार नहीं है। ’’
उन्होंने संबंधित सदस्य से प्रश्न पूछने का आग्रह भी ठुकरा दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं क्यों कहूं? मुझे कहने का कोई अधिकार नहीं है। यह उनकी इच्छा है। आप भी कल कोई प्रश्न वापस ले सकते हैं और मैं उसमें दखल नहीं दूंगा।’’
सभापति ने निर्देश दिया कि इस मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों की कही कोई भी बात रिकॉर्ड में नहीं जाएगी। उन्होंने विरोध जता रहे विपक्षी सदस्यों से कहा कि वे शांत रहें और प्रश्नकाल में व्यवधान न डालें। इसके बाद वह सूचीबद्ध प्रश्नों पर आगे बढ़ गए।
सभापति की इस प्रतिक्रिया से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।
उल्लेखनीय है कि प्रसाद ने अपने प्रश्न में गृह मंत्रालय से पूछा था कि ‘‘क्या सरकार नए आपराधिक कानूनों के तहत सबूत संग्रह के लिए केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं (सीएफएसएल) का विस्तार कर रही है, यदि हां, तो उसके विवरण क्या हैं?’’
उन्होंने यह भी पूछा था कि ‘‘नए आपराधिक कानूनों के मद्देनजर निर्भया फंड के तहत फोरेंसिक क्षमताएं बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं; और नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप फोरेंसिक डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप से व्यवस्थित रूप से संग्रहित और प्रबंधित करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?’’
भाषा मनीषा