हरियाणा में ‘लाडो लक्ष्मी’ योजना के लाभार्थियों को अब तिमाही आधार पर मिलेगी वित्तीय सहायता
नोमान प्रशांत
- 03 Dec 2025, 05:37 PM
- Updated: 05:37 PM
चंडीगढ़, तीन दिसंबर (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को कहा कि सरकार ने 'दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' के तहत पात्र लाभार्थियों को तिमाही आधार पर एक समेकित राशि जारी करने का निर्णय लिया है।
यह योजना 25 सितंबर को शुरू की गई थी जिसके तहत हरियाणा में लाभार्थियों को हर महीने 2,100 रुपये दिए जाते थे। हालांकि, अब सरकार ने हर तीन महीने में एक बार कुल राशि अंतरित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी करने के बाद यह घोषणा की। पहली मासिक किस्त एक नवंबर को अंतरित की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल वित्तीय सहायता का साधन नहीं है, बल्कि महिलाओं के सामाजिक सशक्तीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल है।
योजना की शुरुआत करते हुए, सरकार ने एक मोबाइल ऐप भी जारी किया था जिसके माध्यम से पात्र महिलाएं इस योजना के लिए पंजीकरण करा सकेंगी।
एक प्रश्न के उत्तर में, सैनी ने कहा कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी है।
उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान 25,000 से अधिक अयोग्य आवेदकों का पता चला।
कुछ मामलों में पुरुषों ने भी महिलाओं की तस्वीर अपलोड कर आवेदन किया, जबकि हरियाणा के बाहर के अन्य लोगों ने लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उन्हें अयोग्य पाया गया।
सैनी ने बुधवार को यहां दूसरी किस्त जारी करते हुए कहा कि 30 नवंबर तक सात लाख से अधिक लाभार्थियों को इस योजना के तहत लगभग 148 करोड़ रुपये का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए प्रतिदिन औसतन 3,000 से 4,000 महिलाएं पंजीकरण करा रही हैं।
सैनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार जनता से किए गए अपने वादों को पूरा करती है।
आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे लोगों से सिर्फ़ बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करते।
उन्होंने ‘आप’ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपये देने का अपना चुनावी वादा अब तक पूरा नहीं किया है।
सैनी ने कहा कि विपक्षी दल शोर ज्यादा मचाते हैं और काम कम करते हैं, जबकि भाजपा सरकार के साथ इसका उल्टा है।
भाषा
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