घरेलू यूरिया उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्य बल गठित करे सरकार : संसदीय समिति
दीपक नरेश
- 01 Dec 2025, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
नई दिल्ली, एक दिसंबर (भाषा) देश में उर्वरकों की घरेलू खपत और उत्पादन के बीच अंतर को देखते हुए संसद की एक समिति ने सरकार से एक कार्य बल गठित करने का आग्रह किया है ताकि घरेलू यूरिया उत्पादन बढ़ाया जा सके।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद झा की अध्यक्षता वाली रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति ने सोमवार को "उर्वरकों के आयात पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से उर्वरकों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता - इसकी बाधाओं की समीक्षा" विषय पर लोकसभा में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समिति ने उर्वरकों के लिए कच्चे माल के आयात पर निर्भरता को ध्यान में रखते हुए कहा कि सरकार को अपने आयात स्रोतों में और विविधता लानी चाहिए ताकि भू-राजनीतिक बाध्यताओं का समाधान निकाला जा सके।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, भारत वर्तमान में अपने उर्वरकों, विशेष रूप से पोटाश और फॉस्फेट-आधारित उर्वरकों के साथ-साथ यूरिया उत्पादन में उपयोग की जाने वाली प्राकृतिक गैस सहित कच्चे माल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आयात करता है। इसमें कहा गया है कि इससे देश को कई बार वैश्विक बाजार के झटकों, भू-राजनीतिक जोखिमों और मुद्रा में उतार-चढ़ाव का भी सामना करना पड़ता है।
समिति ने देश में उर्वरकों की घरेलू खपत और उत्पादन के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए उर्वरक विभाग से आग्रह किया कि वह एक कार्यबल का गठन करे जो आवश्यक बजटीय सहायता के साथ समयबद्ध लक्षित रणनीति तैयार करें ताकि घरेलू यूरिया उत्पादन को बढ़ाया जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने विभाग से राजकोषीय और कर प्रोत्साहनों के माध्यम से उर्वरकों की उत्पादन क्षमता का विस्तार करने एवं संसाधन संपन्न देशों के साथ दीर्घकालिक समझौते करने का आग्रह किया ताकि सबसे प्रतिस्पर्धी दरों पर सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित की जा सके।
समिति का मानना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने, विविध स्रोतों और स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आत्मनिर्भरता प्राप्त करने से कमियों को दूर करने और रणनीतिक स्वायत्तता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे महत्वपूर्ण फसल मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।
समिति ने उर्वरक में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उद्देश्य से विभाग को सभी अंतर-संबंधित क्षेत्रों की समग्र समीक्षा करने का सुझाव भी दिया।
भाषा दीपक