‘ऑपरेशन साइहॉक’: संगठित साइबर अपराध में शामिल होने के आरोप में 95 लोगों पर मामला दर्ज
यासिर माधव
- 24 Nov 2025, 04:25 PM
- Updated: 04:25 PM
नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइहॉक’ के तहत मध्य दिल्ली जिले में 381 लोगों को हिरासत में लिया गया, संगठित साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 95 संदिग्ध लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और 24 प्राथमिकी दर्ज की हैं। यहां एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
‘ऑपरेशन साइहॉक’ साइबर अपराध को लेकर पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है।
अधिकारी ने बताया कि 48 घंटे का यह अभियान 21 नवंबर की सुबह नौ बजे समाप्त हुआ और इसके तहत पुलिस ने 1,843 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, 84 एटीएम कार्ड, फर्जी बीमा दस्तावेज और कंपनी की जाली मुहर जब्त की गई जबकि 10.28 लाख रुपये नकदी भी बरामद की गई।
अभियान के अंतर्गत सबसे बड़ी कार्रवाई के तहत पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक ऐसी इकाई का भंडाफोड़ किया जहां अवैध मोबाइल निर्माण और आईएमईआई (अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान)-परिवर्तन किया जाता था ।
पुलिस के अनुसार, पांच लोगों - अशोक कुमार (45), रामनारायण (36), धर्मेंद्र कुमार (35), दीपांशु (25) और दीपक (19) को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने 1,826 मोबाइल फोन, आईएमईआई-मॉर्फिंग सॉफ्टवेयर वाला एक लैपटॉप, आईएमईआई स्कैनिंग डिवाइस समेत अन्य सामान बरामद किया।
पश्चिम पटेल नगर क्षेत्र में वाहन बीमा पॉलिसी नवीनीकरण के बहाने लोगों को कथित तौर पर ठगने वाले एक गैर-लाइसेंस प्राप्त ‘कॉल सेंटर’ का भी भंडाफोड़ किया गया।
पुलिस ने बताया कि एक आरोपी खेमचंद (33) को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, फर्जी पॉलिसी पत्र, बीमा कंपनियों के रबर मुहर और 10 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि इसके अलावा, अंतरराज्यीय एटीएम धोखाधड़ी गिरोह से कथित तौर पर जुड़े तीन लोगों - आरिफ उर्फ शरीक (27), शहजाद (35) और मोहम्मद जैम (29) को करोल बाग से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से कुल 81 एटीएम कार्ड, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटर बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, तीन अन्य आरोपियों - सुमित कुमार (30), हेमराज (37) और तनिष्क भारती (20) को एक पीड़ित के एटीएम कार्ड को स्कैन करके लगभग 1.9 लाख रुपये की खरीदारी और निकासी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
यहां एक अन्य संगठित धोखाधड़ी मामले में चार लोगों - राजकुमार (42), रवीद्र सिंह (40), एम. अरमान अली (34) और धीरेंद्र कुमार (37) को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
भाषा
यासिर