मुख्यमंत्री मान, केजरीवाल ने गुरु तेग बहादुर को श्रद्धांजलि दी
प्रशांत धीरज
- 23 Nov 2025, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
(तस्वीरों के साथ)
श्री आनंदपुर साहिब, 23 नवंबर (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को आयोजित ‘सर्व धर्म सम्मेलन’ में अन्य धार्मिक नेताओं के साथ श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वे सभी धार्मिक नेताओं के आभारी हैं, जो गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां एकत्र हुए।
केजरीवाल ने कहा कि इतिहास में ऐसे उदाहरण बहुत कम मिलते हैं, जब किसी ने दूसरों के धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया हो। उन्होंने कहा कि गुरु धार्मिक स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक थे।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि अनेक लोगों ने अपने धर्म की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर किए हैं, लेकिन गुरु तेग बहादुर ही वह अकेले महापुरुष हैं जिन्होंने दूसरों के धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
केजरीवाल ने कहा कि यह अत्यंत गर्व और संतोष का विषय है कि दुनिया भर के धार्मिक नेताओं ने गुरु तेग बहादुर को श्रद्धांजलि देने में राज्य सरकार का साथ दिया है।
आप नेता ने कहा कि गुरु ने मानवता का संदेश दिया था, और राज्य सरकार उनके प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप इन कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा सभी धर्मों के प्रति सम्मान बनाए रखने और प्रदेश में शांति, सद्भाव, भाईचारे तथा एकता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों और शहीदों की पावन धरती है, जिसकी समृद्ध और गौरवशाली विरासत है। उन्होंने कहा कि पंजाबी जनता ने अत्याचार, अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने की भावना महान ‘गुरु साहिबान’ से विरासत में पाई है।
मान ने कहा कि यही वह प्रेरक भावना रही है, जिसने पंजाबियों को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और अपनी क्षमता साबित करने के लिए मार्गदर्शन दिया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब ने मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिल्ली में अपने प्राण न्यौछावर किए थे-यह बलिदान विश्व इतिहास में अद्वितीय है।
उन्होंने बताया कि नौवें सिख गुरु की 350वीं शहीदी दिवस को समर्पित कई कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये आयोजन आगे भी जारी रहेंगे और हर वर्ष शहादत दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भाषा प्रशांत