गुप्त परमाणु गतिविधियां पाकिस्तान के इतिहास के अनुरूप हैं: भारत
वैभव सुभाष
- 07 Nov 2025, 08:16 PM
- Updated: 08:16 PM
नयी दिल्ली, सात नवंबर (भाषा) भारत ने पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियारों का परीक्षण किये जाने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों का संज्ञान लिया और शुक्रवार को कहा कि इस्लामाबाद की ‘‘गुप्त’’ परमाणु गतिविधियां दशकों से तस्करी, निर्यात नियंत्रण से जुड़े उल्लंघनों और गुप्त साझेदारियों पर आधारित रही हैं।
पिछले हफ्ते ट्रंप ने पाकिस्तान का नाम परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे देशों में शामिल किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बात तीन दशकों से भी अधिक समय बाद अमेरिका की ओर से अपने परमाणु आयुध का परीक्षण फिर से शुरू किये जाने संबंधी ट्रंप प्रशासन की योजना को सही ठहराने के लिए कही थी।
विदेश मंत्रालय ने ट्रंप की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान के परमाणु प्रसार के साथ-साथ पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक ए.क्यू. खान की गतिविधियों की ओर आकर्षित किया है, जिनकी 2021 में मृत्यु हो गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘गुप्त और अवैध परमाणु गतिविधियां पाकिस्तान के इतिहास के अनुरूप हैं, जो दशकों से चल रही तस्करी, निर्यात नियंत्रण से जुड़े उल्लंघनों और गुप्त साझेदारियों पर आधारित हैं।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान के रिकॉर्ड के इन पहलुओं की ओर आकर्षित किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस पृष्ठभूमि में, हमने पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी पर गौर किया है।’’
खान को परमाणु और मिसाइल तकनीकों की आपूर्ति के लिए एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क स्थापित करने के लिए जाना जाता था।
यह भी कहा जाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु प्रसार के काला बाजार से जुड़े हुए थे और उन्होंने उत्तर कोरिया तथा ईरान जैसे देशों को परमाणु तकनीक की आपूर्ति में मदद की थी।
अपनी टिप्पणियों में, ट्रंप ने परमाणु हथियारों का परीक्षण फिर से शुरू करने के अपने फैसले को दृढ़ता से उचित ठहराते हुए कहा कि हथियारों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक था।
अमेरिका के राष्ट्रपति की यह टिप्पणी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ उनकी बैठक से पहले आई।
भाषा वैभव