फडणवीस और शिंदे ने मराठा समुदाय के लिए सबसे अधिक काम किया है: नरेन्द्र पाटिल
जितेंद्र रंजन
- 01 Sep 2025, 07:50 PM
- Updated: 07:50 PM
मुंबई, एक सितंबर (भाषा) अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम के अध्यक्ष नरेन्द्र पाटिल ने सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा मराठा आरक्षण आंदोलन अपनी दिशा खो चुका है और समुदाय के लिए सबसे ज्यादा काम करने वाले लोगों के खिलाफ एक निजी अभियान में बदल गया है।
पाटिल ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मनोज जरांगे के समर्थकों से आग्रह किया कि वे मुंबईवासियों को असुविधा न पहुंचायें।
मराठा आरक्षण आंदोलन आजाद मैदान में चौथे दिन भी जारी है।
उन्होंने यह भी बताया कि निजाम के काल में मराठवाड़ा में मराठा समुदाय को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) या कुनबी के रूप में मान्यता प्राप्त थी और उन्हें आरक्षण का लाभ मिलता था।
पाटिल ने कहा, “अगर मराठवाड़ा में व्यापक कुनबी प्रमाणपत्र जारी किए जा सकें तो इससे मदद मिलेगी। विशेषज्ञों और एक कानूनी पैनल को इस मामले की जांच करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने मराठा समुदाय के कल्याण के लिए सबसे ज्यादा काम किया है। मौजूदा आंदोलन और कुछ नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए भड़काया गया एक व्यक्ति-विशेष आंदोलन है। जब फडणवीस मुख्यमंत्री थे (2014 से 2019 के बीच), तब अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम को पुनर्जीवित किया गया था, जिसे पूर्व में शरद पवार ने बंद कर दिया था।”
पाटिल ने कहा कि फडणवीस व शिंदे के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सहयोग से मराठा युवाओं के लिए कई योजनाएं व वित्तीय पहल शुरू की गईं।
उन्होंने कहा, “महायुति सरकार ने डेढ़ लाख मराठा उद्यमी तैयार करने में सफलता प्राप्त की और समुदाय के युवाओं को 13,000 करोड़ रुपये के ऋण दिए। निगम के माध्यम से लगभग 1,300 करोड़ रुपये ब्याज अनुदान के रूप में प्रदान किए गए, जो दर्शाता है कि मराठा युवा न केवल रोजगार सृजित कर रहे थे बल्कि सरकारी सहायता से ऋण भी चुका रहे हैं।”
पाटिल ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की तर्ज पर छत्रपति शाहू महाराज अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं मानव विकास संस्थान (सारथी) की स्थापना यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी कि मराठा छात्र भी छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा, “अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम शिंदे-फडणवीस सरकारों से लगातार प्राप्त समर्थन के कारण ही पर्याप्त सहायता प्रदान कर सका।”
भाषा जितेंद्र