बंगाल: वाम समर्थक शिक्षक संगठनों ने परीक्षा तिथि विवाद पर सीयू कुलपति का समर्थन किया
सिम्मी माधव
- 01 Sep 2025, 05:42 PM
- Updated: 05:42 PM
कोलकाता, एक सितंबर (भाषा) कॉलेज और विश्वविद्यालय शिक्षकों के नौ वाम समर्थक संगठनों ने सोमवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल उच्च शिक्षा विभाग, राज्य के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का अतिक्रमण कर रहा है।
इन संगठनों ने कलकत्ता विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति शांता दत्ता के साथ एकजुटता व्यक्त की, जिन्होंने 28 अगस्त को होने वाली स्नातक परीक्षाओं की तिथि में बदलाव करने से इनकार कर दिया है। तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) का स्थापना दिवस भी 28 अगस्त को होता है।
कलकत्ता विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, यादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, बर्दवान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, विश्व भारती विश्वविद्यालय शिक्षक संघ और चार अन्य महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय संकाय निकायों द्वारा जारी बयान में ‘‘उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सीयू अधिकारियों को तिथि बदलने के लिए राजी करने के लिए उठाए गए हर कदम’’ की निंदा की गई।
बयान में कहा गया है, ‘‘सीयू के प्राधिकारियों ने सत्तारूढ़ पार्टी के छात्र संगठन के दबाव में आने से इनकार करते हुए आम छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को बचाने में मदद की। हम इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु और टीएमसीपी नेताओं के कुलपति के खिलाफ दिए बयानों की निंदा करते हैं।’’
प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, कल्याणी विश्वविद्यालय, उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय, आलिया विश्वविद्यालय, रायगंज विश्वविद्यालय, काजी नजरूल विश्वविद्यालय और पश्चिम बंगाल पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के शिक्षक संगठनों ने भी बयान का समर्थन किया और कुलपति के खिलाफ सत्तारूढ़ पार्टी की टिप्पणी को ‘‘आपत्तिजनक और सीयू जैसे संस्थान की गरिमा को कम करने वाला’’ बताया।
संगठनों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का अतिक्रमण किए जाने के ऐसे ही उदाहरण सामने आए हैं, ऐसे में ‘‘हम इस बात पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि राज्य सरकारों द्वारा भी राज्य विश्वविद्यालयों के कामकाज के संबंध में इसी तरह की कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है।’’
तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) ने विश्वविद्यालय से परीक्षाएं स्थगित करने का आग्रह किया था और तर्क दिया था कि 28 अगस्त छात्रसंघ का स्थापना दिवस है और इस दिन पारंपरिक रूप से बड़ी सभाएं एवं रैलियां आयोजित की जाती हैं लेकिन दत्ता ने झुकने से इनकार कर दिया और कहा कि किसी संस्थान का शैक्षणिक कैलेंडर किसी संगठन के राजनीतिक कार्यक्रमों द्वारा निर्धारित नहीं किया जाना चाहिए।
भाषा सिम्मी