अदालत ने एसआई भर्ती रद्द नहीं की बल्कि सरकार को अपनी 'टिप्पणी' सरकार को भेजी है: कानून मंत्री पटेल
स. पृथ्वी राजकुमार
- 30 Aug 2025, 07:04 PM
- Updated: 07:04 PM
जोधपुर, 30 अगस्त (भाषा) राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने शनिवार को दावा किया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द नहीं किया है बल्कि अपनी टिप्पणियां (आब्जर्वेशंस) सरकार को भेजी हैं।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा,‘‘एसआई भर्ती मामले का अगर आप गहनता से अध्ययन करेंगे तो माननीय न्यायालय ने एसआई भर्ती को रद्द नहीं किया है। इन टिप्पणियों की जांच की जाएगी और फिर उन्हें राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को भेजा जाएगा।’’
मंत्री ने कहा कि अदालत ने जो टिप्पणियां (आब्जर्वेशंस) किया वह बहुत ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास फैसले की प्रति अभी आई है। हमारा विधि विभाग इसका परीक्षण कर रहा है। हमारा विचार है कि अगला कदम विभाग के आदेश का विस्तृत अध्ययन करने तथा विभाग की राय लेने के बाद ही उठाया जाना चाहिए। ’’
मंत्री ने कहा कि अदालत ने कांग्रेस शासन के दौरान नियुक्त किये गये सभी अध्यक्षों और सदस्यों पर प्रश्नचिह्न लगाया है तथा उनके खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अदालत ने गहन जांच के निर्देश दिए हैं और आरपीएससी की पूरी जांच एवं पुनर्गठन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘एक तरह से अदालत ने मौजूदा भाजपा सरकार की सराहना की है और कहा है कि जैसे ही एसआई भर्ती पेपर लीक का मामला सामने आया, सरकार ने तुरंत जांच शुरू की, विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया और पहला मामला दर्ज किया।’’
न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने 28 अगस्त को 202 पृष्ठों के अपने विस्तृत फैसले में कहा कि पेपर लीक में ‘‘आरपीएससी अध्यक्ष के साथ-साथ छह सदस्यों की सक्रिय संलिप्तता भी सामने आई।’’
राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कहा, ‘‘एसआईटी रिपोर्ट और दर्ज प्राथमिकी से पता चला है कि तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा और रामू रायका की इसमें संलिप्तता थी और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं थीं।’’
उन्होंने कहा,‘‘न्यायालय ने आरपीएससी की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है और भर्ती परीक्षा रद्द कर दी है।’’
आदेश में कहा गया है, ‘‘अदालत उप-निरीक्षकों की विवादित भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना नितांत आवश्यक, अनिवार्य और उचित समझती है।’’
भाषा स. पृथ्वी