भारत के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत करना चाहता है कतर: गोयल
निहारिका रमण
- 29 Aug 2025, 05:51 PM
- Updated: 05:51 PM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा और कतर भी भारत के साथ ऐसे समझौते पर बातचीत करने को इच्छुक है।
उन्होंने कहा कि भारत ने पहले ही ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस और चार यूरोपीय राष्ट्रों के समूह यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) सहित कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत इसके अलावा यूरोपीय संघ (ईयू), अमेरिका, न्यूजीलैंड, चिली और पेरू के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि इन समझौतों से नए अवसर, बाजार और निवेश की संभावनाएं खुलेंगी।
गोयल ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ बातचीत तेज गति से आगे बढ़ रही है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल व्यापार समझौते की वार्ता का जायजा लेने के लिए अगले सप्ताह ब्रसेल्स की यात्रा करेंगे।
भारत-यूरोपीय संघ का आधिकारिक दल आठ सितंबर से राष्ट्रीय राजधानी में 13वें दौर की वार्ता के लिए बैठक करेगा। इसके बाद, यूरोपीय व्यापार आयुक्त मारोस सेफ्कोविक मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता की प्रगति का जायजा लेने के लिए अगले महीने भारत आ सकते हैं।
उन्होंने उद्योग जगत के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ हम ईएईयू के साथ (व्यापार समझौते के लिए) काम कर रहे हैं। ओमान के साथ एफटीए अगले कुछ सप्ताह में अंतिम रूप ले सकता है। कल, कतर के मंत्री ने मुझे बताया कि वे बातचीत शुरू करना चाहते हैं। हम अमेरिका के साथ भी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए बातचीत कर रहे हैं। हमने (बीटीए) के पहले चरण को इस साल अक्टूबर-नवंबर तक पूरा करने की योजना बनाई है। ये सभी प्रयास नए अवसर, नए बाजार और निवेश की नई संभावनाएं खोलेंगे।’’
सऊदी अरब भी छह सदस्यीय जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) समूह के माध्यम से इसमें रुचि रखता है। ओमान भारत के लिए जीसीसी देशों में तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। भारत का जीसीसी के एक अन्य सदस्य संयुक्त अरब अमीरात के साथ पहले से ही एक ऐसा ही समझौता है, जो मई 2022 में लागू हुआ था।
बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जीसीसी के सदस्य हैं।
ऐसे समझौतों में दो व्यापारिक साझेदार आपस में व्यापार की जाने वाली वस्तुओं की अधिकतम संख्या पर सीमा शुल्क को या तो काफी कम कर देते हैं या समाप्त कर देते हैं। वे सेवाओं में व्यापार को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए मानदंडों को भी आसान बनाते हैं।
गोयल ने कहा, ‘‘पूरी दुनिया, भारत के साथ व्यापार बढ़ाना चाहती है।’’
भाषा निहारिका