उपराष्ट्रपति चुनाव: किसी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया, राधाकृष्णन और रेड्डी के बीच मुकाबला तय
हक हक दिलीप नरेश
- 25 Aug 2025, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए दोनों उम्मीदवारों में से किसी के भी नाम वापस न लेने के कारण सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन और विपक्ष के प्रत्याशी न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच नौ सितंबर को होने वाले चुनाव में सीधा मुकाबला होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इस बार के उपराष्ट्रपति चुनाव को ‘‘दक्षिण बनाम दक्षिण’’ की लड़ाई बताया जा रहा है, क्योंकि दोनों ही दक्षिण भारत से हैं। राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं, जबकि रेड्डी तेलंगाना से।
चुनाव में नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख (25 अगस्त) के बाद सुदर्शन रेड्डी और सी पी राधाकृष्णन अब मैदान में हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा महासचिव पी सी मोदी ने एक बयान में कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव, 2025 के लिए मतदान मंगलवार, नौ सितंबर, 2025 को कमरा संख्या एफ-101, वसुधा, संसद भवन, नयी दिल्ली में होगा।
आगामी नौ सितंबर को मतदान सुबह 10 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे समाप्त होगा।
राज्यसभा सचिवालय के बयान में कहा गया है, ‘‘भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के सदस्य शामिल होते हैं। राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी निर्वाचक मंडल में शामिल होने के पात्र हैं और इसलिए वे चुनाव में भाग लेने के हकदार हैं।’’
इसमें यह भी कहा गया है, ‘‘संसद भवन में मतदान की व्यवस्था 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी द्वारा की जा रही है।’’
मतदान के संपन्न होने के बाद उसी दिन शाम छह बजे मतगणना आरंभ होगी और रात तक नतीजे घोषित होने की संभावना है।
राज्यसभा महासचिव के एक बयान के अनुसार, उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया 7 अगस्त को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हो चुकी है।
इस चुनाव के निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में पांच सीटें रिक्त हैं), राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में एक सीट रिक्त है) शामिल हैं।
निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के कुल 788 सदस्य (वर्तमान में 782) शामिल हैं।
राज्यसभा सदस्य शिबू सोरेन का हाल ही में निधन हो गया।
भाषा हक हक दिलीप