दिल्ली पुलिस ने गली के कुत्ते को डंडे से पीटने वाले अधिकारी के खिलाफ तीन साल बाद प्राथमिकी दर्ज की
जितेंद्र माधव
- 25 Aug 2025, 08:15 PM
- Updated: 08:15 PM
(वर्षा सागी)
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत के निर्देश पर पुलिस ने जनवरी 2022 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में एक आवारा कुत्ते को कथित तौर पर डंडे से पीटने के लिए एक अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने कथित घटना के तीन साल बाद सात अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
यह मामला सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो से संबंधित है, जिसमें कथित तौर पर एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी 10 जनवरी, 2022 को जाफराबाद की गली नंबर 44 के पास एक आवारा कुत्ते को डंडे से लगातार पीटता हुआ दिखाई दे रहा है।
वीडियो में कुत्ते को बेसुध पड़े हुए देखा जा सकता है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में आक्रोश फैल गया था।
शिकायतकर्ता डॉ. ऐशर जेसुदॉस, सुनयना सिब्बल और अक्षिता कुकरेजा ने दावा किया कि घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज कराने के बावजूद शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घायल कुत्ते का इलाज संजय गांधी पशु देखभाल केंद्र में किया गया।
कुत्ते को कुछ स्थानीय लोग और पशु प्रेमी प्यार से ‘जैफी’ कहते हैं।
एक चिकित्सीय रिपोर्ट के मुताबिक, कुत्ते को ‘गंभीर चोट आई थीं, जिसमें पलकें फटना, कटना, सूजन और हाइपोथर्मिया शामिल था।
बाद में एक्स-रे से भी फ्रैक्चर और जोड़ों में क्षति का पता चला।
इससे पहले, पुलिस ने बताया था कि संबंधित अधिकारी ने कुत्ते के काटने के बाद आत्मरक्षा में यह कदम उठाया था।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा तीन साल की कानूनी लड़ाई के बाद कड़कड़डूमा अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देते हुए कहा कि रिकॉर्ड में दर्ज वीडियो में कुत्ते को जब डंडे से पीटा जा रहा था, तब वह जमीन पर बेसुध पड़ा हुआ था।
प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बाद पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मामले की जांच जारी है और पुलिस मामले के सभी तथ्यों की जांच कर रही है हालांकि अब तक अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने बताया, “प्रस्तुत सामग्री की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है, जिसमें डिजिटल सत्यापन भी शामिल है। सतर्कता जांच व सभी आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे और सबूतों के लिए शिकायतकर्ताओं से परामर्श किया जा रहा है।”
शिकायतकर्ता डॉ. ऐशर जेसुदॉस ने कहा, “तीन साल और दो अदालती आदेशों के बाद पुलिस ने आखिरकार ‘जैफी’ क्रूरता मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।”
उन्होंने बताया कि अदालत ने पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्व) से अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।
भाषा जितेंद्र