मीठी नदी घोटाला: फर्जी बिलों के जरिये बीएमसी से 29.62 करोड़ रुपये लेने के आरोप में ठेकेदार गिरफ्तार
राखी पवनेश
- 21 Aug 2025, 07:42 PM
- Updated: 07:42 PM
मुंबई, 21 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में मीठी नदी से गाद निकालने में हुए 65 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में 50 वर्षीय ठेकेदार को फर्जी समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार करने और फर्जी बिलों के जरिये बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) से 29.62 करोड़ रूपये हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी शेरसिंह राठौड़ द्वारा प्रस्तुत किए गए एक एमओयू पर मृत व्यक्ति के ‘हस्ताक्षर’ थे।
पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मामले में आरोपी शेरसिंह राठौड़ की भूमिका सामने आने के बाद बुधवार को उसे हिरासत में लिया।
एक अधिकारी ने बताया कि राठौड़ को पश्चिमी उपनगर बोरीवली से पकड़ा गया है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
इस कथित घोटाले में यह तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले ईओडब्ल्यू ने इस मामले में केतन कदम और जय जोशी को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बताया कि राठौड़ ने 2021-22 में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) से मीठी नदी से गाद निकालने का ठेका हासिल किया था।
आरोपी ने गाद निपटान के लिए भू-मालिकों के साथ एमओयू तैयार किए। यद्यपि ये दस्तावेज फर्जी पाए गए।
एक अधिकारी ने कहा कि राठौड़ ने मृत व्यक्ति को भू-मालिक दिखाने के लिए नकली हस्ताक्षर भी किए।
इसके अलावा, उसने बिचौलिए कदम के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए जिसमें ‘मैटप्रॉप’ कंपनी की मशीनें किराये पर लेने का उल्लेख था। उसने ठेका पाने के लिए यह दस्तावेज बीएमसी को जमा किया।
मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि राठौड़ ने बीएमसी को डंपरों की एक सूची भी सौंपी और दावा किया कि वाहनों का इस्तेमाल मीठी नदी से गाद ढोने में किया गया। हालांकि, उसने विभिन्न जगहों से मलबा इकट्ठा किया और उसे नदी की गाद बताकर पहुंचाया।
अधिकारी ने बताया कि गाद नहीं निकालने के बावजूद आरोपी ने फर्जी बिल पेश किए और बीएमसी से धोखाधड़ी कर 29.62 करोड़ रुपये प्राप्त किए।
इससे पहले एजेंसी ने मीठी नदी से गाद निकालने के मामले में बॉलीवुड अभिनेता डीनो मोरिया और उनके भाई से भी पूछताछ की थी।
मुंबई पुलिस ने मई में ठेकेदार और नगर निकाय के अधिकारियों समेत 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मामला 2017 से 2023 के बीच मीठी नदी की गाद निकासी से संबंधित निविदाओं में 65.54 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर दर्ज किया गया था। मीठी नदी मुंबई से होकर बहती है और महानगर के लिए बरसाती पानी की निकासी के माध्यम के रूप में कार्य करती है।
भाषा राखी