भविष्य में क्षति रोकने के लिए विशेषज्ञों की टीम जोखिम क्षेत्रों की पहचान करेगी: अब्दुल्ला
नेत्रपाल नरेश
- 19 Aug 2025, 07:14 PM
- Updated: 07:14 PM
श्रीनगर, 19 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना के बाद वहां किसी के जीवित बचे होने की उम्मीद बहुत कम है और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सर्वाधिक जोखिम वाले क्षेत्रों का पता लगाने के वास्ते विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी।
अब्दुल्ला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘किश्तवाड़ की स्थिति आपके सामने है। हर गुजरते दिन के साथ, 70 लापता लोगों के बचने की उम्मीद धुंधली होती जा रही है। अब हमारा ध्यान शवों को बरामद करने और उन्हें उनके परिवारों को सौंपने पर होगा ताकि वे अंतिम संस्कार कर सकें।’’
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें जो भी मदद करनी होगी, हम करेंगे। जब मैं वहां था, तब उन्होंने मेरे सामने कुछ बातें रखी थीं और हम उन पर विचार करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि किश्तवाड़ में यह घटना हिमनदीय झील के फटने के कारण नहीं, बल्कि बादल फटने के कारण हुई।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘हमें सर्वाधिक जोखिम वाले क्षेत्रों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित करनी होगी। कुछ महीने पहले, हमने रामबन में भी ऐसी ही एक घटना देखी थी। उस समय हमें काफ़ी संपत्ति का नुकसान हुआ था, लेकिन जनहानि कम हुई थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार जान-माल का नुकसान अधिक हुआ है, क्योंकि यात्रा जारी थी और बादल फटने की घटना हुई। हमें इस बारे में विशेषज्ञों की राय लेनी होगी कि ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जाए और यदि ऐसी घटनाएं होती हैं, तो नुकसान को कैसे कम किया जाए।’’
गत 14 अगस्त को मचैल माता मंदिर के रास्ते में पड़ने वाले गांव चिशोती में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे भारी तबाही हुई, एक अस्थायी बाजार, वार्षिक मचैल माता यात्रा के लिए लगाया गया लंगर स्थल नष्ट हो गया और कई घर तथा सरकारी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
मंगलवार को एक और शव मिलने के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 64 हो गई। मृतकों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) के तीन कर्मी और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) शामिल हैं।
कुल 167 लोगों को बचाया गया, जबकि सोमवार को सूची में नए सिरे से संशोधन करने के बाद लापता लोगों की संख्या घटकर 39 रह गई है।
अब्दुल्ला ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार को जीतना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव होगा। हमें समझ नहीं आ रहा कि यह चुनाव हम पर क्यों थोपा गया? उपराष्ट्रपति धनखड़ ने अचानक पद छोड़ दिया और तब से उन्हें नहीं देखा गया है। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करूँगा। जहाँ तक चुनाव का सवाल है, ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार को जीतना चाहिए।’’
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विभाजन से संबंधित अध्यायों में बदलाव किए जाने को लेकर उठे विवाद पर अब्दुल्ला ने कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ करना गलत है और इसमें कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘इतिहास के साथ छेड़छाड़, खासकर जब राजनीतिक नेताओं द्वारा की जाए, गलत है। कल सरकार बदल जाएगी। आज या कल, यह बदल जाएगी। कोई भी सरकार हमेशा के लिए नहीं होती... मान लीजिए कि एक ऐसी सरकार आए जो भाजपा की नहीं होगी और वह आरएसएस के खिलाफ अध्याय लिखना शुरू कर देगी। तब आप क्या करेंगे?’’
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘इसके बाद, इन अध्यायों को हटाकर नए अध्याय जोड़े जाएँगे। जहाँ तक हो सके, इसे राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। हमारा इतिहास जो भी हो, छात्रों को उसे सीखने दें। उसके बाद, बच्चों को यह तय करने दें कि क्या सही है और क्या गलत। यह सच है कि अंग्रेजों ने हमारी नैया डुबो दी थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्या भारत को दो हिस्सों में बांटने की मांग नहीं हुई थी? हां, मांग हुई थी। तथ्य सामने रखें। लेकिन आप राजनीति लाना चाहते हैं, यह गलत है।’’
राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए हस्ताक्षर अभियान के बारे में अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण की विपक्ष द्वारा आलोचना किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे राज्य का दर्जा नहीं चाहते, वे नहीं चाहते कि हम लोगों के बीच जाएँ। पहले वे पूछते थे, ‘आप कुछ क्यों नहीं कर रहे?’ अब हम लोगों से मिलना चाहते हैं। हमारा काम (लोगों के लिए) कार्य करना है, उनका काम विरोध करना है।’’
भाषा नेत्रपाल