उद्धव को जन्मदिन की बधाई देने मातोश्री पहुंचे राज ठाकरे
धीरज दिलीप
- 27 Jul 2025, 06:10 PM
- Updated: 06:10 PM
(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, 27 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई एवं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे से रविवार को मुलाकात कर उन्हें उनके 65वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं।
राज दादर स्थित अपने आवास ‘शिवतीर्थ’ से उद्धव के बांद्रा स्थित आवास ‘मातोश्री’ पहुंचे।
उद्धव ने अपनी पार्टी के सांसद संजय राउत के साथ मुंबई स्थित मातोश्री बंगले के प्रवेश द्वार पर अपने चचेरे भाई का स्वागत किया। राज ने उद्धव को लाल गुलाब का एक बड़ा गुलदस्ता भेंट किया।
राज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मेरे बड़े भाई, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के जन्मदिन के अवसर पर, मैं अपनी शुभकामनाएं देने के लिए दिवंगत माननीय बालासाहेब ठाकरे के निवास मातोश्री गया।’’
उन्होंने मुलाकात की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें पृष्ठभूमि में उनके चाचा और उद्धव के पिता बाल ठाकरे की तस्वीर लगी हुई दिखाई दे रही है।
उद्धव ने संवाददाताओं से कहा कि राज से मुलाकात के बाद उनकी खुशी ‘कई गुना बढ़ गई’। उन्होंने कहा, ‘‘वह कई वर्षों के बाद मातोश्री आए थे।’’
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चचेरे भाइयों के बीच हुई मुलाकात को कोई राजनीतिक महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।
फडणवीस ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘दोनों की मुलाकात खुशी की बात है। इसे राजनीतिक नजरिए से क्यों देखा जाए? वह (राज) जन्मदिन की बधाई देने गए थे। हमारी शुभकामनाएं भी उद्धव जी के साथ हैं।’’
उद्धव ठाकरे ने पांच जुलाई को मुंबई में राज ठाकरे के साथ एक संयुक्त रैली में कहा था कि वह एवं मनसे प्रमुख ‘‘साथ बने रहने के लिए एकजुट हुए हैं।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महाराष्ट्र सरकार द्वारा हिंदी भाषा को लेकर जारी सरकारी आदेश को वापस लेने का जश्न मनाने के लिए आयोजित ‘विजय’ रैली में, चचेरे भाइयों ने मराठी अस्मिता और हिंदी भाषा को ‘थोपने’ के मुद्दे पर लगभग दो दशकों में पहली बार मंच साझा किया।
जुलाई 2012 में राज ठाकरे उद्धव को मुंबई के लीलावती अस्पताल से मातोश्री ले गए थे। अस्पताल में उनकी एंजियोग्राफी की गई थी।
जनवरी 2019 में राज मातोश्री गए और उद्धव को अपने बेटे अमित की शादी का निमंत्रण सौंपा, जिसकी उसी महीने के अंत में शादी थी।
राज ने दिसंबर 2005 में शिवसेना छोड़ दी थी और अगले साल मनसे का गठन किया था।
राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ने के बाद दावा किया था कि उन्होंने मातोश्री से सम्मान मांगा था, लेकिन अपमान मिला।
भाषा धीरज