भाजपा उम्मीदवारों का विरोध करने के लिए ग्रामीणों को लामबंद किया जाएगा: लखोवाल
अमित धीरज
- 30 Apr 2024, 06:54 PM
- Updated: 06:54 PM
चंडीगढ़, 30 अप्रैल (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने मंगलवार को कहा कि पंजाब में चुनाव प्रचार करने आने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों का विरोध करने के लिए ग्रामीणों को लामबंद किया जाएगा।
लखोवाल ने कहा कि किसान भाजपा नेताओं से सवाल पूछना जारी रखेंगे और उनकी मांगें नहीं मानने पर उन्हें काले झंडे दिखाएंगे।
भाजपा उम्मीदवारों और नेताओं को अपने चुनाव प्रचार के दौरान कई जगहों पर किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा है। फरीदकोट से भाजपा के उम्मीदवार हंस राज हंस, अमृतसर से उम्मीदवार तरनजीत सिंह संधू, गुरदासपुर में दिनेश बब्बू और पटियाला में परनीत कौर को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा है।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने कहा है कि वे भाजपा का विरोध करेंगे और लोगों से चुनाव में पार्टी को ‘दंडित’ करने के लिए कहेंगे।
लखोवाल ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से कहा कि पंजाब के गांवों में प्रश्नावली वाले एक लाख पोस्टर चस्पा किए जाएंगे।
अब निरस्त हो चुके कृषि कानूनों के खिलाफ 2020-21 में किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर चुके संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा नेताओं से पूछने के लिए 11-सूत्री प्रश्नावली तैयार की है।
प्रश्नावली में किसानों को दिल्ली तक मार्च करने की अनुमति क्यों नहीं दी गई और उनके खिलाफ ‘बल’ का उपयोग क्यों किया गया जैसे सवाल हैं।
लखोवाल ने कहा कि गांवों में लोगों को एकजुट किया जाएगा ताकि जब भाजपा नेता प्रचार के लिए आएं तो वे उनसे सवाल पूछें। उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से भाजपा नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करें।’’
एक अन्य किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि वे विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई भी टकराव नहीं चाहते।
विभिन्न संगठनों के प्रति निष्ठा रखने वाले किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून सहित विभिन्न मांगें स्वीकार नहीं करने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को दिल्ली तक मार्च करने की अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा है। किसान अब भी पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी सहित अपनी मांगों को को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसानों द्वारा ‘दिल्ली चलो’ मार्च का नेतृत्व किया।
प्रदर्शनकारी किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं क्योंकि सुरक्षा बलों ने उनके मार्च को रोक दिया था।
पंजाब की 13 लोकसभा सीट के लिए एक जून को मतदान होगा।
भाषा अमित