मोदी सरकार ने आरक्षण को कमजोर करने के लिए निजीकरण को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया: कांग्रेस
नेत्रपाल सुरेश
- 28 Apr 2024, 08:29 PM
- Updated: 08:29 PM
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में आरक्षण को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी को लेकर रविवार को भाजपा पर हमला बोला और आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले 10 साल में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को कमजोर करने के लिए निजीकरण को एक "हथियार" के रूप में इस्तेमाल किया है।
विपक्षी दल ने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के '400 पार' नारे के पीछे का राज यह है कि वह इस बार खुलेआम आरक्षण खत्म करने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस की यह टिप्पणी तब आई जब शाह ने उत्तर प्रदेश में एक रैली में कहा कि यह मोदी की गारंटी है कि भाजपा न तो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को खत्म करेगी और न ही किसी को ऐसा करने देगी।
शाह की टिप्पणी पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, "गृहमंत्री जी जब विभिन्न शहरों में हवाई अड्डे प्रधानमंत्री के सबसे अच्छे दोस्त को सौंप दिए गए, तो क्या वहां आरक्षण खत्म नहीं हो गया? जब एअर इंडिया बेची गई थी, तो क्या वहां आरक्षण खत्म नहीं हुआ था? जब आप इस्पात संयंत्र और तेल रिफाइनरी बेचने जा रहे थे, तो क्या इससे वहां आरक्षण समाप्त नहीं हो गया?"
कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘पूर्व में जब विभिन्न शहरों में आईपीसीएल, बीएसएनएल, अशोका होटल बिके तो क्या इससे इन जगहों पर आरक्षण खत्म नहीं हो गया? यह पिछले 10 वर्षों में अपनाई गई आपकी निजीकरण नीति का परिणाम है, जिससे एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण समाप्त हो गया है तथा लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर बंद हो गए हैं।’’
रमेश ने कहा कि इसीलिए कांग्रेस बार-बार कहती रही है कि भाजपा आरक्षण के खिलाफ है।
रमेश ने अपने वीडियो बयान में कहा, "पिछले 10 वर्षों में, मोदी सरकार ने आरक्षण को कमजोर करने के लिए निजीकरण को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है और '400 पार' के पीछे का रहस्य भी वही है- इस बार वे आरक्षण ख़त्म करने की खुलेआम कोशिश करेंगे।”
विपक्षी दल बार-बार दावा करते रहे हैं कि "अबकी बार 400 पार" के भाजपा के आह्वान का उद्देश्य लोकसभा चुनाव में 400 सीट जीतना है, ताकि संसद में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण खत्म करने के लिए संख्या बल हासिल किया जा सके।
भाषा नेत्रपाल