27 अप्रैल : मुगल सल्तनत से जुड़ी बड़ी घटनाओं का गवाह
मनीषा
- 27 Apr 2026, 11:34 AM
- Updated: 11:34 AM
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) भारत में मुगल सल्तनत के इतिहास में 27 अप्रैल का खास महत्व है। इस दिन मुगल शासकों से जुड़़ी तीन बड़ी घटनाएं इतिहास का हिस्सा बनीं। बाबर ने 1526 में 27 अप्रैल के दिन ही दिल्ली का नियंत्रण संभाला था। बादशाह जहांगीर ने 1606 में आज ही के दिन बगावत के आरोप में अपने पुत्र खुसरो को गिरफ्तार किया और 1748 में एक बार फिर वह 27 अप्रैल का ही दिन था जब मुगल बादशाह मोहम्मद शाह की मौत हुई।
27 अप्रैल ही वह तारीख है, जिस दिन बॉलीवुड के दो जिगरी दोस्तों ने दुनिया छोड़ी थी। विनोद खन्ना और फिरोज खान के बीच गहरी दोस्ती थी और ये इत्तेफाक ही है कि दोनों एक ही तारीख को दुनिया को अलविदा कह गए। हालांकि, दोनों के निधन में अंतर सिर्फ साल का था। दोनों की मौत की वजह कैंसर था।
फिरोज खान ने 27 अप्रैल 2009 को इस दुनिया को अलविदा कहा। 'ऊंचे लोग', 'मैं वहीं हूं', 'अपराध', 'उपासना', 'मेला', 'आग', 'धर्मात्मा', जैसी फ़िल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले फिरोज खान एक बेहतरीन निर्देशक भी थे जिसका उदाहरण 'जानशीन', 'प्रेम अगन' , 'य़लगार' 'जांबाज', 'कुर्बानी' और 'दयावान' फिल्में हैं।
विनोद खन्ना ने 27 अप्रैल 2017 को अंतिम श्वांस ली। 'मेरे अपने' और 'मेरा गाँव मेरा देश' में खलनायक की भूमिका निभाने वाले विनोद खन्ना ने 1970 के दशक के भारतीय सिनेमा में खुद को एक अग्रणी एक्शन हीरो के रूप में स्थापित किया। 1982 में, अपने करियर के चरम पर, खन्ना ने फिल्मी दुनिया छोड़ कर आध्यात्मिक गुरु ओशो रजनीश की शरण ली लेकिन पांच साल बाद वापस फिल्मों में लौट आए। वापसी के बाद उन्होंने 'इंसाफ', 'सूर्या', 'चांदनी' और 'दयावान' जैसी हिट फिल्में दीं। 'वांटेड', 'दबंग', 'दबंग 2' और 'दिलवाले' जैसी बेहद सफल फिल्मों में उन्होंने पिता के रोल के लिए सराहना बटोरी।
खन्ना राजनीति में भी आए और गुरदासपुर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बनने के बाद भारत सरकार में मंत्री पद संभाले। 2018 में, खन्ना को मरणोपरांत 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भारत के सर्वोच्च सिनेमाई पुरस्कार, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
देश-दुनिया के इतिहास में 27 अप्रैल की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-
1526 : बाबर दिल्ली का सुलतान बना।
1606 : शहजादा खुसरो को बादशाह जहांगीर ने गिरफ्तार किया। खुसरो ने छह अप्रैल को बगावत का ऐलान किया था।
1662 : नीदरलैंड और फ्रांस ने सैन्य संधि पर हस्ताक्षर किए।
1748 : मुगल बादशाह मोहम्मद शाह का निधन।
1848 : कलकत्ता विश्वविद्यालय ने महिलाओं को विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में पात्रता के लिए पहली मंजूरी दी।
1912 : सशक्त हावभाव, चेहरे पर बच्चों जैसी मुस्कुराहट, जिंदगी से भरपूर, रंगमंच और फिल्मों की महान अदाकारा जोहरा सहगल का जन्म।
1960 : नयी दिल्ली में नेशनल डिफेंस कॉलेज की शुरूआत।
1961: सियरा लिओन की आजादी का दिन। यह पश्चिम अफ्रीकी देश लगभग डेढ़ सौ साल तक ब्रिटेन के अधीन रहा। आधी रात को देश का हरी, सफ़ेद और नीली पट्टियों वाला ध्वज फहराया गया।
1967 : अमेरिका ने नेवादा परीक्षण स्थल पर परमाणु परीक्षण किया।
1972 : अंतरिक्ष यान 'अपोलो 16' पृथ्वी पर वापस लौटा।
1989 : बांग्लादेश में तूफान से 500 लोगों की मौत।
1993 : अफगानिस्तानी विमान 'एएनएस 32' दुर्घटनाग्रस्त होने से 76 लोगों की मौत।
2009 : 'भारत का क्लिंट ईस्टवुड' कहलाने वाले अभिनेता फिरोज खान का 70 साल की उम्र में निधन।
2017 : 'सेक्सी सन्यासी' कहलाने वाले अभिनेता विनोद खन्ना का 70 साल की उम्र में निधन।
2018 : कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के उत्तर पश्चिमी हिस्से में जारी हिंसा से बच कर भाग रहे 40 आम नागरिकों की, नौकाएं नदी में डूबने से मौत ।
2019 : एअर इंडिया में तकनीकी खामी की वजह से पांच घंटे से अधिक समय तक चेक-इन-सॉफ्टवेयर ठप रहने के कारण 155 उड़ानों में देरी हो गई जिससे उसके हजारों यात्री दुनियाभर में कई हवाई अड्डों पर फंस गए।
2022 : वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिक और इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) के पूर्व निदेशक अरुण कुमार भादुड़ी का कलपक्कम में 63 वर्ष की उम्र में निधन। भादुड़ी ने 'फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों' पर अनुसंधान किया था और वह जुलाई 2016 से अगस्त 2021 तक आईजीसीएआर के निदेशक रहे।
2024 : कंबोडिया के पश्चिमी हिस्से में एक सैन्य अड्डे पर आयुध सामग्री में विस्फोट से 20 सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
2025 : दक्षिणी ईरान के शाहिद राजेई बंदरगाह पर हुए भीषण विस्फोट में 46 लोगों की मौत और 1000 से अधिक घायल।
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