टीएएसएमएसी के खिलाफ ईडी जांच पर रोक तमिलनाडु सरकार को बदनाम करने की कोशिशों के लिए झटका: द्रमुक
सुरभि मनीषा
- 22 May 2025, 01:45 PM
- Updated: 01:45 PM
चेन्नई, 22 मई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता आर. एस. भारती ने बृहस्पतिवार को कहा कि तमिलनाडु में सरकारी संस्था तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पर उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक लगाना राज्य में पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को बदनाम करने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ‘‘ब्लैकमेल’’ करने वाला एक संगठन बन गया है।
शराब की दुकानों के लाइसेंस देने में कथित भ्रष्टाचार को लेकर शराब की खुदरा विक्रेता टीएएसएमएसी के खिलाफ धन शोधन जांच पर शीर्ष अदालत द्वारा रोक लगाए जाने के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए द्रमुक नेता भारती ने कहा कि पार्टी इस आदेश का स्वागत करती है।
अदालत के आदेश के तुरंत बाद द्रमुक के संगठन सचिव ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से गैर-भाजपा शासित राज्यों के खिलाफ ईडी का इस्तेमाल किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु में 2021 में सत्ता संभालने के बाद से एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार लोकप्रियता हासिल कर रही है और मुख्यमंत्री का कद बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता और 2021 के बाद द्रमुक गठबंधन की चुनावी जीत को पचा पाने में असमर्थ भाजपा ने ईडी का इस्तेमाल द्रमुक को बदनाम करने के लिए किया तथा भाजपा नेताओं ने तरह-तरह के आरोप लगाए।’’
भारती ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय द्वारा टीएएसएमएसी के खिलाफ ईडी जांच पर रोक लगाना ऐसी चीजों के लिए एक बड़ा झटका है और इस फैसले में तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया गया है... हम (उच्चतम न्यायालय के) आदेश का स्वागत करते हैं।’’
पूर्व सांसद ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार को कम से कम इसके बाद तो ईडी का दुरुपयोग बंद कर देना चाहिए।’’
भारती ने कहा कि ईडी द्वारा इस मामले में हाल में की गई छापेमारी तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव से ‘‘सात से आठ महीने’’ पहले की गई है।
भारती ने आरोप लगाया कि ईडी एक ‘‘ब्लैकमेलिंग संगठन’’ बन गया है। उन्होंने अपने दावे को पुष्ट करने के लिए संबंधित राज्यों में रिश्वतखोरी के आरोपों पर तमिलनाडु और केरल की राज्य पुलिस द्वारा एजेंसी के अधिकारियों को गिरफ्तार किए जाने के उदाहरणों का हवाला दिया।
भाषा सुरभि