कांग्रेस आपकी संपत्ति घुसपैठियों, ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को बांट देगी: मोदी
जोहेब
- 21 Apr 2024, 11:40 PM
- Updated: 11:40 PM
(फोटो के साथ)
जयपुर, 21 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि अगर कांग्रेस केंद्र में सत्ता में आती है तो वह लोगों की संपत्ति लेकर मुसलमानों को बांट देगी। मोदी ने यह बात पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक बयान का हवाला देते हुए कही, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि देश के संसाधनों पर 'पहला हक' अल्पसंख्यक समुदाय का है।
मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, “ये अर्बन नक्सल वाली सोच.... मेरी माताओ- बहनों ये आपका मंगलसूत्र भी बचने नहीं देंगे। इस हद तक चले जाएंगे।”
उन्होंने दावा करते हुए कहा, “ये कांग्रेस का घोषणापत्र कह रहा है कि वे माताओं बहनों के सोने का हिसाब करेंगे, उसकी जानकारी लेंगे और फिर उस संपत्ति को बांट देंगे। और उनको बांटेगे जिनके बारे में मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है।”
उन्होंने कहा, “पहले जब उनकी सरकार थी, उन्होंने कहा था की देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। इसका मतलब ये संपत्ति इकट्ठी करके किसको बांटेंगे?.. जिनके ज्यादा बच्चे हैं उनको बांटेंगे।”
उन्होंने कहा, “घुसपैठियों को बांटेंगे। आपकी मेहनत की कमाई का पैसा घुसपैठियों को दिया जाएगा? क्या आपको ये मंजूर है?”
मोदी का इशारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की 2006 में की गई विवादास्पद "पहला हक" टिप्पणी की ओर था।
हालांकि कांग्रेस के घोषणा पत्र में आर्थिक असमानताओं के मुद्दे पर प्रकाश डाला गया है और पार्टी ने जोर देकर कहा है कि इसमें किसी से कुछ लेकर बांटने की बात नहीं कही गई है और “व्यापक सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना” का समर्थन किया गया है।
कांग्रेस ने यह दावा भी किया था कि राहुल गांधी ने सात अप्रैल 2024 को हैदराबाद में देश की संपत्ति के 'पुनर्वितरण' का वादा नहीं किया और उनके शब्दों को "गलत तरीके से पेश" किया गया।
पर राहुल गांधी ने कथित तौर देश की संपत्ति के अधिक न्यायसंगत वितरण के लिए एक सर्वेक्षण कराने की आवश्यकता के बारे में बात की थी, जिसके बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने स्पष्टीकरण दिया।
बांसवाड़ा में अपनी रैली में मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब 'वामपंथियों के चंगुल में फंसी' हुई है और पार्टी ने अपने घोषणापत्र में जो कहा है वह चिंताजनक है गंभीर है।
उन्होंने कहा कि ये 'माओवाद की सोच को जमीन पर उतारने की उनकी कोशिश' है।
मोदी ने कहा, “इसमें (घोषणापत्र) कहा गया है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनेगी तो हरेक की प्रॉपर्टी का सर्वे किया जायेगा। हमारी बहनों के पास सोना कितना है उसकी जांच की जाएगी, उसका हिसाब लगाया जायेगा। हमारे आदिवासी परिवारों में चांदी होती है, उसका हिसाब लगाया जायेगा।... ये जो गोल्ड है बहनों का और जो और संपत्ति है ये सबको समान रूप से वितरित कर दी जाएगी।”
मोदी ने कहा, “क्या आपको ये मंजूर है ? आपकी संपत्ति सरकार को ऐंठने का अधिकार है क्या? क्या आपकी संपत्ति को, आपकी मेहनत करके कमाई संपत्ति को सरकार को ऐंठने का अधिकार है क्या? माताओं व बहनों के जीवन में सोना दिखाने के लिए नहीं होता, वो उनके स्वाभिमान से जुड़ा होता है।'
मोदी ने कहा, “उनका मंगलसूत्र ... सोने की कीमत का मुद्दा नहीं, उनके जीवन के सपनों से जुड़ा होता है। आप उसे छीनने की बात कर रहे हो अपने मेनिफेस्टो में? कह रहे हो कि गोल्ड ले लेंगे, सबको वितरित कर देंगे।'
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि 'अब कांग्रेस अर्बन नक्सलों के कब्जे में है।'
मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर आदिवासियों के कल्याण की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को अपने 60 वर्ष के शासनकाल के दौरान आदिवासी समुदाय से एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला, जो देश का राष्ट्रपति बन सकता था।
मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गरीबों के कल्याण के लिये समर्पित है और पूरी ईमानदारी से काम करती है, लेकिन कांग्रेस की दुकान में भय, भूख और भ्रष्टाचार ही बिकता है।
प्रधानमंत्री बांसवाड़ा में कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्रजीत मालवीया के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ''आदिवासी समाज में क्षमता नहीं थी क्या? .. जरा सोचिए कांग्रेस की क्या मानसिकता है। 2014 में आपने इस सेवक को आर्शीवाद दिया। आज इस देश की पहली नागरिक, देश की राष्ट्रपति, आदिवासी समाज की एक बेटी हैं। यही असली भागीदारी है।''
उन्होंने कहा, ''यही बाबा साहेब (आंबेडकर) की 'स्पिरिट' है।''
मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया ने इसकी प्रशंसा की लेकिन कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' का विरोध किया। इससे पहले उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों को डराया।
उन्होंने कहा, ''आज भी ये कभी लोकतंत्र, संविधान, आरक्षण को लेकर भांति भांति का झूठ फैला रहे है। भांति-भांति का डर दिखा रहे है लेकिन कांग्रेस को पता नहीं है यह भारत हर प्रकार से डर से बाहर निकल चुका है और इसलिये इनका झूठ नहीं चल पा रहा है।''
उन्होंने कहा, ''आज देखिये देशभर में जिन-जिन राज्यों में आदिवासी आबादी अधिक है, वहां कांग्रेस या तो सत्ता से बाहर है या फिर तीसरे चौथे नंबर पर है। कांग्रेस के विरूद्ध यह आदिवासी समाज का आक्रोश है। इस आक्रोश के ठोस कारण हैं।''
मोदी ने कहा कि तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में पहली बार आदिवासियों के लिये अलग मंत्रालय बनाया गया.. अलग बजट बना था।
उन्होंने कहा, ''करोड़ों आदिवासी बेटे-बेटियों में से कांग्रेस को 60 वर्षो में एक भी ऐसा नहीं मिला जो देश का राष्ट्रपति बन सके?''
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की हालात ऐसी है कि आजादी के इतिहास में पहली बार कांग्रेस का 'शाही परिवार' भी कांग्रेस को वोट नहीं देगा।
उन्होंने कहा, “ये शाही परिवार कांग्रेस को वोट नहीं देता तो आपसे वोट मांगने का उनका क्या हक है? जहां ये शाही परिवार के लोग रहते हैं वहां कांग्रेस चुनाव ही नहीं लड़ रही है। पहली बार ऐसा हो रहा है। कांग्रेस की दुर्दशा है कि उनका शाही परिवार खुद कांग्रेस को वोट नहीं कर पायेगा।”
कोरोना महामारी का जिक्र करते मोदी ने कहा, “मुझ पर दबाव था... ये कांग्रेस में बैठे बड़े बड़े अपने आप को ज्ञानी मानते हैं... दुनियाभर के अर्थशास्त्री मुझ पर दबाव डालते थे, रूपये दो, उद्योग वालों को रुपये दो.. वरना बहुत बड़ा तूफ़ान मच जायेगा, अर्थतंत्र ख़त्म हो जायेगा लोगों की नौकरिया चली जाएंगी, लोग भूखा मरेंगे... मैंनें उनकी एक बात नहीं सुनी किसी भी धनी आदमी को एक रुपया नहीं दिया... अगर मैंने दिया तो गरीब को मुफ्त राशन दिया।”
प्रधानमंत्री ने भीनमाल (जालोर) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भी कांग्रेस पर कटाक्ष किया और कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी ने कभी देश में 400 लोकसभा सीट जीतीं थीं, आज वह 300 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ पा रही है।
मोदी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के राजस्थान से राज्यसभा सदस्य बनने पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग चुनाव नहीं जीत सकते वे 'मैदान से भागकर' राजस्थान से राज्यसभा में आए हैं।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी फरवरी में राजस्थान से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने वाले सांसदों में शामिल हैं। इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कई दिग्गजों को मैदान में नहीं उतारा गया हालांकि पार्टी ने उन अटकलों को खारिज कर दिया है कि वे चुनाव लड़ने से कतरा रहे थे।
राजस्थान में पहले चरण के मतदान की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ पहले चरण के मतदान में आधे राजस्थान ने कांग्रेस को बराबर सजा दी है। उसे बराबर सबक सिखाया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत राजस्थान ये जानता है कि कांग्रेस कभी भी मजबूत भारत बना ही नहीं सकती। देश को ऐसी कांग्रेस सरकार नहीं चाहिए। देश को 2014 के पहले जो हालात थे वो हालात वापस नहीं चाहिए।’’
मोदी ने कहा, ''(तब) हर कोई कांग्रेस की कमजोर सरकार को आता जाता हर कोई धमकाता था और हर कोई देश को लूटने में जुटा था। प्रधानमंत्री को तो कोई पूछता ही नहीं था। सरकार रिमोट कंट्रोल से चला करती थी। कैबिनेट से पास हुए अध्यादेश को उनकी पार्टी के ही एक नेता मीडिया की बैठक में बड़े रौब से फाड़ कर फेंक देते थे।''
उन्होंने कहा कि ऐसी दुर्बल अवस्था देश को मजबूत बना सकती है क्या? आप मुझे बताइये अस्थिरता की प्रतीक कांग्रेस पार्टी और उनका कुनबा देश को चला सकता है क्या? आज कांग्रेस पार्टी की जो हालत हुई है उसकी गुनहगार वो खुद है।
मोदी ने आरोप लगाया कि 60 वर्षों तक राज करने वाली कांग्रेस ने हमारी माताओं-बहनों को शौचालय, गैस, बिजली, पानी, बैंक खाते जैसी छोटी छोटी चीजों के लिये तरसाया है।
उन्होंने कहा, ''इसी कांग्रेस ने परिवारवाद और भ्रष्टाचार का दीमक फैलाकर देश को खोखला कर दिया और उनके इन्हीं पापों की सजा आज देश कांग्रेस को दे रहा है और खासकर के देश का युवा इतना गुस्से में है वो दोबारा कांग्रेस का मुंह नहीं देखना चाहता है।''
मोदी ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' पर कटाक्ष करते हुए कहा, ''इन्होंने अवसरवादी 'इंडी एलायंस' बना लिया है। उसकी पतंग उड़ने से पहले ही कट गई है। कहने को तो गठबंधन है लेकिन कई राज्यों में ये गठबंधन वाले ही आपस में ही लड़ रहे हैं। इस लोकसभा चुनाव में देश की 25 प्रतिशत सीट ऐसी हैं, जहां ये गठबंधन के लोग एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।''
भाषा कुंज पृथ्वी