डोडा के ‘खामोश गांव’ ने बुनियादी सुविधाओं के लिए किया मतदान
नोमान सुरेश
- 19 Apr 2024, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
(अनिल भट्ट)
डडकाई (जम्मू कश्मीर), 19 अप्रैल (भाषा) जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में ‘खामोश गांव’ के तौर पर प्रचलित डडकाई गांव के लोगों ने सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की आस में शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान किया, लेकिन इन सहूलियत के नहीं मिलने पर भविष्य में होने वाले चुनावों का बहिष्कार करने की धमकी भी दी।
इस गांव में मूक-बधिर लोगों की बड़ी आबादी है, जिस वजह से इसे ‘खामोश गांव’ के तौर पर जाना जाता है।
बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच स्थित, डडकाई में मुख्य रूप से गुज्जर समुदाय के सदस्य रहते हैं, जो अपनी कृषि पद्धतियों और खानाबदोश जीवन शैली के लिए जाने जाते हैं। गांव की आधी से अधिक आबादी को 1950 से जन्मजात चिकित्सा स्थितियों के कारण सुनने और बोलने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
इन चुनौतियों के बावजूद, दोपहर तक गांव के 35 प्रतिशत से अधिक पात्र मतदाताओं ने दो मतदान केंद्रों पर वोट डाले।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद हनीफ ने कहा, "हमने बुनियादी सुविधाओं की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग के लिए समर्थन जुटाने के वास्ते मतदान किया है। हम सरकार से हमारे गांव में मूक-बधिर बच्चों के लिए स्कूल स्थापित करने का आग्रह करते हैं।"
ग्रामीणों ने अपने मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया, जिसमें प्राथमिक विद्यालय के लिए शिक्षक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए एक डॉक्टर और गांव को सड़क नेटवर्क से जोड़ना शामिल है।
ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्दी ध्यान नहीं दिया गया तो वे भविष्य में होने वाले चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
हनीफ ने कहा, ''अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हम अन्य चुनावों का बहिष्कार करेंगे- चाहे वह विधानसभा के लिए हों, या पंचायत के।''
हनीफ की मदद से, पांच बच्चों के मूक-बधिर पिता राहिल अली ने इन परिस्थितियों का सामने करने वाले बच्चों के लिए एक स्कूल निर्माण के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने इशारों में अपनी बात कही, जिसे हनीफ ने समझाया। हनीफ के मुताबिक, राहिल ने कहा, “हमने इसी मांग को ध्यान में रखते हुए अपना वोट डाला है। सरकार को इन बच्चों को शिक्षा देने के लिए मूक-बधिर विद्यालय की स्थापना सुनिश्चित करनी चाहिए।”
शब्बीर अहमद ने कहा, "हम अपने सांसद को चुनने के लिए मतदान में भाग लेकर बहुत खुश हैं। हर कोई उत्साहित है कि नए सांसद बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करके हमें न्याय दिलाएंगे।"
डडकाई लगभग 4,500 गुज्जरों का घर है। गांव में मूक बधिर का पहला मामला 1939 में सामने आया था।
यह गांव उधमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है जहां से मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह को और डेमोक्रेटिक प्रोगेसिव आज़ाद पार्टी (डीपीएपी) ने पूर्व मंत्री जीएम सरूरी को टिकट दिया है।
भाषा नोमान