मुंबई की अदालत ने औरंगजेब टिप्पणी मामले में सपा विधायक आजमी को अग्रिम जमानत दी
शफीक नरेश
- 11 Mar 2025, 10:13 PM
- Updated: 10:13 PM
मुंबई, 11 मार्च (भाषा) मुंबई की एक अदालत ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी को मुगल बादशाह औरंगजेब की प्रशंसा करने संबंधी टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में अग्रिम जमानत दे दी।
आजमी ने अर्जी में कहा कि उनकी टिप्पणी किसी व्यक्ति विशेष का अपमान करने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं की गई थी, जिसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी जी रघुवंशी ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली।
महाराष्ट्र विधानसभा से 26 मार्च तक निलंबित आजमी को राहत देते हुए अदालत ने कुछ शर्तें लगाईं और उन्हें 20,000 रुपये का जमानत मुचलका भरने का निर्देश दिया।
अदालत ने आजमी को दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस थाने में तीन दिन (12, 13, 15 मार्च) के लिए आने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।
पिछले सप्ताह दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस थाने में महानगर के मानखुर्द-शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक आजमी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुगल बादशाह की प्रशंसा करने वाली उनकी टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज किया गया था।
आजमी के वकील मुबीन सोलकर ने अदालत के समक्ष कहा कि प्राथमिकी में उनके मुवक्किल के खिलाफ किसी अपराध का खुलासा नहीं किया गया है।
समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल के दौरान भारत की सीमाएं अफगानिस्तान और बर्मा (म्यांमा) तक थीं।
औरंगजेब के शासनकाल का जिक्र करते हुए आजमी ने दावा किया था, ‘‘हमारा जीडीपी (विश्व जीडीपी) का 24 प्रतिशत था और भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था।’’
औरंगजेब और मराठा राजा छत्रपति संभाजी महाराज के बीच लड़ाई के बारे में पूछे जाने पर आजमी ने इसे ‘‘राजनीतिक लड़ाई’’ करार दिया था।
सोलकर ने दलील दी कि उक्त टिप्पणी किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से नहीं की गई थी।
वकील ने दलील दी कि आरोपों से यह पता नहीं चलता कि आजमी ने जानबूझकर और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से बयान दिए थे।
उन्होंने कहा कि आजमी ने पहले से तय साक्षात्कार या पॉडकास्ट के दौरान टिप्पणी नहीं की थी और उन्होंने केवल महाराष्ट्र विधानसभा से निकलते समय पत्रकारों द्वारा ‘‘अचानक’’ पूछे गए सवालों का जवाब दिया था।
भाषा शफीक