स्टालिन ने प्रधानमंत्री के चुनाव अभियान की तुलना अनुकूल मौसम में आने वाले प्रवासी पक्षियों से की
प्रीति मनीषा
- 10 Apr 2024, 02:09 PM
- Updated: 02:09 PM
(फाइल तस्वीर के साथ)
चेन्नई, 10 अप्रैल (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को राज्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनाव-प्रचार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके दौरे की तुलना अनुकूल मौसम के दौरान आने वाले प्रवासी पक्षी से की।
उन्होंने प्रधानमंत्री से कई सवाल भी किये।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कई गारंटी लेकर राज्य में चुनाव अभियान के लिए आये क्योंकि उनका गुजरात मॉडल और चौकीदार की भूमिका तो उजागर हो चुके हैं।
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में उसी तरह मंडराते हैं, जैसे मौसम के दौरान प्रवासी पक्षी अभयारण्य में आते हैं...।''
उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या वह जातिगत जनगणना कराने की गारंटी दे सकते हैं, आरक्षण की सीमा को हटा कर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिये सख्ती से आरक्षण को लागू कर सकते हैं, क्या तमिलनाडु को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) से छूट दे सकते हैं, हिन्दी और संस्कृत को कभी नहीं थोपने दे सकते हैं और क्या शिक्षा को राज्य सूची में स्थानांतरित कर सकते हैं?
स्टालिन ने प्रधानमंत्री से यह भी जानना चाहा कि क्या प्रधानमंत्री छात्रों के शिक्षा ऋण माफ करेंगे, प्रति वर्ष दो करोड़ युवाओं को नौकरियां देंगे, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 400 रुपये का अनुदान देंगे और क्या फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करेंगे?
उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया, ''क्या वह पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों में कमी की गारंटी देंगे, उपकर के तहत कर लूट को खत्म करेंगे ? क्या वह यह कह सकते हैं कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) स्वतंत्र रूप से काम करें?''
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि क्या वह बिना किसी भेदभाव के केंद्रीय कोष का निष्पक्ष हस्तांतरण, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में बदलाव, हिंसा पर सख्ती से रोक, व्यापमं घोटाले से लेकर चुनावी बांड तक की जांच का आदेश, चीन द्वारा कब्जा किए गए क्षेत्रों को पुनः प्राप्त करने, तमिलनाडु के मछुआरों पर हमले रोकने, अग्निपथ योजना वापस लेने, तमिलनाडु को एनडीआरएफ फंड आवंटित करने, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को वापस लेने की गारंटी दे सकते हैं।
स्टालिन ने पूछा, ''साथ ही क्या आप यह भी कहेंगे कि आप अल्पसंख्यकों के साथ द्वितीय श्रेणी के नागरिक जैसा व्यवहार नहीं करेंगे? क्या आप इन सब मुद्दों पर गारंटी देने को तैयार हैं?''
उन्होंने कहा, ''अन्यथा आपकी गारंटी 'मेड इन बीजेपी' वॉशिंग मशीन के तौर पर उजागर हो जाएगी, जो दागियों का भगवाकरण करती है।''
भाषा
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