तेलंगाना के राजनीतिक दलों ने परिसीमन पर अमित शाह के बयान की निंदा की
संतोष वैभव
- 27 Feb 2025, 06:26 PM
- Updated: 06:26 PM
हैदराबाद, 27 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस आश्वासन की बृहस्पतिवार को तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने तीखी आलोचना की जिसमें कहा गया है कि दक्षिणी राज्यों को परिसीमन के कारण एक भी संसदीय सीट नहीं गंवानी पड़ेगी।
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ ने केंद्र से परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी राज्यों से परामर्श करने का आग्रह किया।
गौड़ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमें (परिसीमन प्रक्रिया पर) कुछ संदेह हैं। इसे स्पष्ट करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। अगर एक भी सीट कम हो जाती है तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।’’
अमित शाह ने बुधवार को दक्षिणी राज्यों को आश्वासन दिया था कि वे परिसीमन के कारण ‘एक भी संसदीय सीट’ नहीं गंवाएंगे और उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन पर इस मुद्दे पर ‘गलत सूचना’ फैलाने का आरोप लगाया था।
केंद्रीय गृह मंत्री स्टालिन की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें कहा गया कि परिसीमन की कवायद दक्षिणी राज्यों खासकर तमिलनाडु को प्रभावित करेगी। मुख्यमंत्री स्टालिन ने दावा किया है कि तमिलनाडु अपनी 39 लोकसभा सीट में से आठ को खो देगा।
उन्होंने इस मामले पर चर्चा के लिए पांच मार्च को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस महीने की शुरुआत में तिरुवनंतपुरम में कहा था कि नयी जनगणना के आधार पर लोकसभा सीट का परिसीमन करना केंद्र द्वारा दक्षिण भारतीय राज्यों को ‘दरकिनार’ करने की दिशा में बढ़ाया गया एक और कदम है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका विरोध किया जाना चाहिए क्योंकि इससे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचेगा। परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दक्षिण भारतीय राज्यों को क्यों दंडित किया जाना चाहिए?’’
शाह की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव ने जनसंख्या के आधार पर परिसीमन को ‘निश्चित रूप से अन्यायपूर्ण’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में जब परिवार नियोजन की पहल की गई थी तब दक्षिणी राज्यों ने अच्छा प्रदर्शन किया था और परिणामस्वरूप दक्षिण में जनसंख्या नियंत्रित हुई।
उन्होंने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘अब यह कहना कि चूंकि आपकी जनसंख्या कम हो गई है, इसलिए मैं संसद में आपका प्रतिनिधित्व कम कर रहा हूं, न्याय का उपहास है।’’
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत की जनसंख्या देश की जनसंख्या का मात्र 19 प्रतिशत है, लेकिन अर्थव्यवस्था में इसका योगदान 36 प्रतिशत है। बीआरएस नेता ने कहा कि भारत की मात्र 2.8 प्रतिशत जनसंख्या वाला तेलंगाना सकल घरेलू उत्पाद में 5.1 प्रतिशत का योगदान देता है।
भाषा संतोष