अदालत ने मंत्री धनंजय मुंडे को अलग रह रही पत्नी, बेटी को दो लाख रुपये महीना देने को कहा
शफीक पवनेश
- 06 Feb 2025, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
मुंबई, छह फरवरी (भाषा) मुंबई की एक पारिवारिक अदालत ने राकांपा नेता और महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे को अलग रह रही पत्नी और बेटी को दो लाख रुपये प्रति माह अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।
मंत्री की वकील सयाली सावंत ने स्पष्ट किया कि मुंडे की पहली पत्नी ने 2020 में उनके खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था और अदालत ने अभी तक मुख्य याचिका के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के पहली पत्नी से दो बच्चे हैं।
याचिकाकर्ता ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत अंतरिम गुजारे भत्ते और मुआवजे का अनुरोध किया है। बांद्रा की पारिवारिक अदालत ने मंगलवार को मुंडे को अंतरिम गुजारे भत्ते के रूप में महिला को 1,25,000 रुपये प्रति माह और उनकी बेटी को 75,000 रुपये प्रति माह देने का निर्देश दिया। हालांकि, अदालत ने उनके दूसरे बच्चे के लिए कोई राहत देने से इनकार कर दिया और कहा कि पुत्र होने के नाते वह गुजारा भत्ते का हकदार नहीं है क्योंकि वह वयस्क हो गया है।
गौरतलब है कि मुंडे इस समय बीड जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से संबंधित जबरन वसूली के मामले में अपने करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।
मुंडे की वकील सावंत ने दावा किया कि मीडिया में आई कुछ खबरों में मामले को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अदालत राकांपा नेता के खिलाफ घरेलू हिंसा मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
सावंत ने कहा कि अंतरिम गुजारे भत्ते का आदेश वित्तीय कारणों के आधार पर दिया गया है।
इस बीच, मंत्री की अलग रह रही पत्नी करुणा शर्मा ने कहा कि वह पारिवारिक अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगी, क्योंकि वह दो लाख रुपये के अंतरिम गुजारा भत्ते से संतुष्ट नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे करुणा मुंडे कहा जाना चाहिए, क्योंकि न्यायालय ने मुझे धनंजय मुंडे की पहली पत्नी के रूप में माना है। मैंने 15 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता मांगा था, लेकिन न्यायालय ने केवल दो लाख रुपये की अनुमति दी है। इस राशि में मुंबई जैसे शहर में गुजारा नहीं हो सकता, इसलिए मैं उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाऊंगी।’’
अपने बेटे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुंडे परिवार का इकलौता बेटा घर पर बेरोजगार बैठा है। वाल्मिक कराड, जो नौकर था, के पास 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, लेकिन मुंडे परिवार के बेटे के नाम पर कोई संपत्ति नहीं है।’’
भाषा शफीक