केरल के मुख्यमंत्री को लेकर अनिश्चितता जारी; चेन्निथला ने कहा-पार्टी का फैसला सभी को स्वीकार होगा
अमित
- 11 May 2026, 02:17 PM
- Updated: 02:17 PM
तिरुवनंतपुरम, 11 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर अनिश्चितता बनी हुई है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पद के तीन दावेदारों के साथ दो दिन पहले ही चर्चा की थी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल और विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन राज्य के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में हैं। आलाकमान ने शनिवार को नयी दिल्ली में इन तीनों नेताओं से मुलाकात की।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख सनी जोसेफ और केरल की कांग्रेस प्रभारी महासचिव दीपा दासमुंशी भी बैठक में मौजूद रहीं।
पार्टी नेताओं ने सोमवार को संकेत दिया कि नेतृत्व मुद्दे पर खरगे द्वारा वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मुलाकात किए जाने के बाद निर्णय आने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आलाकमान घोषणा करने से पहले केरल में राजनीतिक माहौल के और शांत होने का इंतजार कर रहा है। यहां पिछले सप्ताह सतीशन और वेणुगोपाल के समर्थकों ने प्रदर्शन किये थे और पोस्टर लगाये थे।
खरगे और राहुल से मुलाकात के बाद, केरल के नेताओं और दासमुंसी ने संयुक्त रूप से पार्टी कार्यकर्ताओं से नेतृत्व के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन और फ्लेक्स-बोर्ड अभियान से दूर रहने की अपील की थी।
परदे के पीछे जारी चर्चाओं के बीच, केरल में कांग्रेस नेता अंतिम निर्णय को लेकर असमंजस में हैं।
कांग्रेस गठबंधन के सहयोगी दल भी मुख्यमंत्री के चयन में हो रही देरी से नाखुश बताए जा रहे हैं, जबकि गठबंधन ने राज्य की 140 में से 102 सीट जीतकर भारी जनादेश हासिल किया है।
निर्णय में देरी के बारे में पूछे जाने पर नाम गुप्त रखने की शर्त पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। इसलिए कोई जल्दी नहीं है - चिंता क्यों करें?''
इस बीच, चेन्निथला ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, उसे राज्य के कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सभी कार्यकर्ता स्वीकार करेंगे।
नयी दिल्ली से लौटने के बाद चेन्निथला ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''हमें आलाकमान से जो कुछ भी कहना था, हमने कह दिया है। उन्होंने हमारी पूरी बात सुनी है। अब आगे का फैसला उन्हें ही करना है।''
उन्होंने कहा कि निर्णय लेने में देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
चेन्निथला ने कहा, ''सभी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं। हम उतना समय नहीं ले रहे हैं जितना वाम मोर्चे ने पिछली बार लिया था।''
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना का जिक्र करते हुए चेन्निथला ने रविवार को कहा कि भाजपा ने खुद दिल्ली में अपना मुख्यमंत्री चुनने में कई दिन लगाए थे, इसलिए उन्हें जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है।
दिल्ली में 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा को अपने मुख्यमंत्री की घोषणा में कथित देरी को लेकर विपक्षी दलों के हमलों का सामना करना पड़ा था।
केरल के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर जारी विचार-विमर्श के बीच चेन्निथला ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि ''कांग्रेस ऐसी पार्टी नहीं है जो नागपुर से निर्देश लेकर चलती है।''
इसी बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने केरल के अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर जारी अनिश्चितता की तुलना ट्रेन यात्रा से करते हुए कहा कि ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से पहले उसके अंदर चलने का कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा में देरी के सवालों का जवाब देते हुए पत्रकारों से कहा, ''चलती ट्रेन के अंदर चलने का कोई फायदा नहीं है। ट्रेन अभी स्टेशन नहीं पहुंची है। स्टेशन पहुंचने के बाद ही कोई उतर सकता है।''
मुरलीधरन ने कहा कि यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि कांग्रेस आलाकमान अपना फैसला कब सुनाएगा और इसकी जानकारी तभी मिलेगी जब आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की जाएगी।
उन्होंने पार्टी के भीतर जारी चर्चाओं को लेकर कहा, ''कभी-कभी खराब मौसम की वजह से ट्रेन के स्टेशन पहुंचने में देरी हो सकती है।''
भाषा यासिर अमित
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