नामांकन दाखिल करते समय सावधान रहें तृणमूल उम्मीदवार, नए अधिकारी खारिज कर सकते हैं : ममता
प्रशांत
- 01 Apr 2026, 07:59 PM
- Updated: 07:59 PM
(इंट्रो और तीसरे पैरा में शब्द में बदलाव के साथ)
कोलकाता, एक अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) द्वारा हाल में तैनात किये गए अधिकारियों को उनकी पार्टी के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल करते समय सावधानी बरतने को कहा।
बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में तीन चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
बनर्जी ने बीरभूम जिले के नानूर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, "सब कुछ बदल दिया गया है, यहां नयी व्यवस्था है। निर्वाचन आयोग द्वारा हाल में तैनात किये गए अधिकारियों को आपका नामांकन खारिज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है इसलिए नामांकन दाखिल करते समय सावधानी बरतें। नामांकन दाखिल करते समय वकीलों को अपने साथ लेकर जाएं।"
मुख्यमंत्री ने लोगों, खासकर महिलाओं से भाजपा को वोट नहीं देने की अपील की।
उन्होंने कहा, ''वे (भाजपा) महिला विरोधी हैं इसलिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में तार्किक विसंगति का हवाला देकर उनके नाम हटाए जा रहे हैं।''
रैली में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों से उनके बैंक खाता नंबर मांग रही है और उन्हें चेतावनी दी कि वे उन्हें साझा न करें।
उन्होंने कहा, "बिहार चुनाव से पहले, खातों में चुपचाप पैसे अंतरित किए गए थे। यहां भी, मुझे सुनने में आ रहा है कि वे गरीब लोगों से बैंक खाते की जानकारी मांग रहे हैं। इसे साझा न करें, वरना वे आपका सब कुछ छीन लेंगे।"
तृणमूल प्रमुख ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी वोट देने के लिए बंगाल के लोगों को लुभाने की कोशिश कर रही है और कहा, "जब तक मैं यहां हूं, दिल्ली के लोग बंगाल पर कब्जा नहीं कर पाएंगे।"
बनर्जी ने एसआईआर पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का भी स्वागत किया और कहा कि वह इससे "खुश" हैं।
इससे पहले दिन में, न्यायालय ने कहा कि अपीलीय न्यायाधिकरण उन अपीलों पर फैसला करेंगे जो उन व्यक्तियों द्वारा दायर की जाएंगी जिनके नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं और उन अपीलों पर भी जो चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा कथित गलत तरीके से नाम शामिल किए जाने के खिलाफ दायर की जाएंगी।
मतदाता सूची में संशोधन का जिक्र करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था और अब तक लगभग 22 लाख नाम बहाल करने में कामयाब रही है, जबकि लगभग 18 लाख नाम अब भी बहाल किए जाने बाकी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को न्यायाधिकरणों के समक्ष अपील करनी होगी और सरकार खर्च वहन करेगी।
नानूर रैली में, जहां पार्टी के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल अनुपस्थित थे, बनर्जी ने आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन की शांतिनिकेतन स्थित जमीन छीनी जा रही थी और उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ा।
बाद में, बर्वान में एक अन्य रैली में मुख्यमंत्री ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं के नामों को बड़े पैमाने पर हटाए जाने का आरोप लगाया, और दावा किया कि दिन्हाटा में लगभग 30,000 नाम और उनके निर्वाचन क्षेत्र भाबनीपुर में लगभग 40,000 नाम हटा दिए गए।
बनर्जी ने कहा कि इससे भाजपा को चुनाव जीतने में मदद नहीं मिलेगी और उन्होंने लोगों से सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में उन्हें ही उम्मीदवार के रूप में देखने का आग्रह किया।
बाद में, पड़ोसी मुर्शिदाबाद जिले के नबग्राम में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार न केवल युवाओं को भत्ते प्रदान करेगी बल्कि उनके लिए आजीविका के अवसर भी सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की सूची से हिंदुओं, मुसलमानों और आदिवासियों के नाम हटा दिए गए थे।
उन्होंने रसोई गैस की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए दावा किया कि हाल ही में कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा, "चुनाव के बाद शायद आपको गैस भी न मिले और आपको पारंपरिक चूल्हों पर खाना बनाना पड़े। टीएमसी सरकार मुफ्त राशन दे रही है, जबकि भाजपा इसका श्रेय ले रही है। क्या उन्हें (भाजपा को) कोई शर्म नहीं आती?"
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतगणना चार मई को होगी।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश
प्रशांत
0104 1959 कोलकाता