एफएटीएफ की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की कोशिशें अक्सर जांच-पड़ताल के डर को दर्शाती हैं: भारत
संतोष
- 30 Jun 2026, 01:24 PM
- Updated: 01:24 PM
(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, 30 जून (भाषा) भारत ने संयुक्त राष्ट्र (संरा) में कहा कि एफएटीएफ की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की देशों की कोशिशें उनके ''जांच-पड़ताल के डर'' को दिखाती हैं।
भारत ने पाकिस्तान की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए ऐसे देशों से अपील की कि वे अस्थिरता फैलाना बंद करें और अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होने दें।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने सोमवार को 'बदलते खतरों और उभरती प्रौद्योगिकी के दौर में आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास' विषय पर आयोजित 2026 आतंकवाद रोधी सप्ताह से इतर से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
हरीश ने कहा, ''एफएटीएफ वैश्विक आतंकवाद-निरोधक पहल के वित्तपोषण और धन शोधन-रोधी ढांचे का एक अनिवार्य स्तंभ बना हुआ है। इसका कार्य तकनीकी, साक्ष्य-आधारित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य मानकों पर आधारित है। इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के प्रयास अक्सर वास्तविक प्रक्रिया संबंधी चिंताओं के बजाय जांच-पड़ताल के डर को दर्शाते हैं।''
इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त राष्ट्र में भारत और फ्रांस के स्थायी मिशनों, आतंकवाद-रोधी समिति कार्यकारी निदेशालय (सीटीईडी), संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी कार्यालय (यूएनओसीटी) और आतंकवाद रोकथाम के लिए वैश्विक इंटरनेट फोरम (जीआईएफसीटी) ने मिलकर किया था।
उन्होंने कहा कि जिन देशों का मूल्यांकन प्रतिकूल रहा है उन्हें पहचानी गई कमियों को दूर करना चाहिए, घरेलू स्तर पर नियमों को सख्ती से लागू करना चाहिए, वित्तीय पारदर्शिता में सुधार करना चाहिए और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अपरिवर्तनीय कार्रवाई दिखानी चाहिए।
हरीश ने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा, ''एफएटएफ की जांच का जवाब संयुक्त राष्ट्र के मंचों पर राजनीतिक सक्रियता दिखाकर नहीं बल्कि नियमों का सही ढंग से पालन करके देना चाहिए। जो देश अपनी जमीन, संस्थानों या वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए होने देते हैं उन्हें अस्थिरता फैलाना बंद करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना शुरू करना चाहिए।''
पाकिस्तान 2018 से एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' में शामिल था लेकिन 2022 में उसे इस सूची से हटा दिया गया। हरीश ने कार्यक्रम में कहा कि वह आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर कोई सैद्धांतिक बात नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''कई दशकों से मेरा देश भारत, सीमा-पार आतंकवाद का सामना कर रहा है और नयी डिजिटल तकनीकें उन स्रोतों, तरीकों और माध्यमों को और जटिल बना रही हैं जिनका इस्तेमाल संसाधनों के प्रवाह के लिए किया जाता है।''
भारत 2010 से इस प्रभावशाली वैश्विक संस्था का सदस्य रहा है जो धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के लिए मानक तय करती है। इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को जुलाई 2026 से जून 2027 की अवधि के लिए एफएटीएफ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
भाषा सुरभि संतोष
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