जम्मू कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली सुनिश्चित करेगा ‘इंडिया’ गठबंधन: राहुल
अमित मनीषा
- 04 Sep 2024, 05:43 PM
- Updated: 05:43 PM
(तस्वीर सहित)
जम्मू, चार सितंबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को जम्मू कश्मीर में अपनी पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलांयस’ (‘इंडिया’) के सहयोगियों की मदद से केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करना सुनिश्चित करेगी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने अगले महीने अपनी पार्टी के गठबंधन की सरकार बनने का विश्वास जताया।
कांग्रेस का जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनावों के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन है। जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को तीन चरणों में होंगे। तत्कालीन जम्मू कश्मीर राज्य को अगस्त 2019 में दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किये जाने और इसका विशेष दर्जा रद्द किये जाने के बाद यहां पहली बार चुनाव हो रहे हैं।
गांधी ने कहा, ‘‘हम चाहते थे कि विधानसभा चुनाव से पहले जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल हो जाए लेकिन भाजपा इसके लिए तैयार नहीं थी और चाहती थी कि पहले चुनाव हो जाएं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, "हम इस क्षेत्र को राज्य का दर्जा वापस दिलाना सुनिश्चित करेंगे, चाहे भाजपा माने या नहीं। हम ‘इंडिया’ गठबंधन के बैनर तले सरकार पर राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए दबाव डालेंगे।"
गांधी रामबन जिले के बनिहाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संगलदान में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। यहां पहले चरण में 23 अन्य सीट के साथ मतदान होगा।
जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विकार रसूल वानी इस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार सज्जाद शाहीन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सलीम भट से कड़ी चुनौती मिल रही है। पूर्व मंत्री वानी की नजर इस सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने पर है। उन्होंने कहा, "भारत के आधुनिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी राज्य से राज्य का दर्जा छीना गया। इससे पहले केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य में बदला गया था, लेकिन इस तरह का कुछ नहीं हुआ था। जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाना चाहिए, क्योंकि केवल राज्य का दर्जा ही नहीं, बल्कि लोगों के अधिकार और संपत्ति भी छीनी गई।"
उन्होंने उपराज्यपाल की कार्यप्रणाली की तुलना अतीत के राजाओं से की और कहा कि देश ने 1947 में उनकी जगह लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार बनाई।
गांधी ने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर में एक राजा बैठा है, जिसका नाम ‘एलजी’ (उपराज्यपाल) है, जो आपकी संपत्ति ले रहा है और उसे ठेकेदारों को लाकर बाहरी लोगों को दे रहा है, जो लाभान्वित हो रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा पहला कदम जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना होगा... एक बात याद रखें, चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी की गठबंधन सरकार बनने जा रही है और यह निश्चित है और होने जा रहा है।’’
कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय घोषणापत्र में वादा किया है कि सभी सरकारी रिक्तियों को भरा जाएगा और अभ्यर्थियों की आयु 40 वर्ष तक बढ़ाई जाएगी, इसके अलावा दैनिक वेतन भोगियों को नियमित किया जाएगा।
निर्माणाधीन बिजली परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में उत्पादित बिजली स्थानीय लोगों की पीड़ा की कीमत पर बाहर निर्यात की जाती है। उन्होंने बिना बढ़े हुए बिलों के बिजली सुनिश्चित करके न्याय का आश्वासन दिया।
गांधी ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक की अपनी 4000 किलोमीटर लंबी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बारे में भी बात की और कहा, ‘‘हमने नारा दिया था 'नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलनी है'।’’
उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर देश में "घृणा, हिंसा और भय" फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि लड़ाई दो विचारधाराओं के बीच है - एक जो नफरत, हिंसा और भय में लिप्त है और दूसरी जो प्यार, सम्मान और प्रतिष्ठा के प्रसार में लगी है।
गांधी ने कहा, "वे नफरत फैलाने का काम करते हैं और हमारा काम प्यार फैलाना है। वे बांटते हैं, हम जोड़ते हैं। और आप जानते हैं कि नफरत की जगह प्यार आएगा, नफरत को नफरत से नहीं हराया जा सकता, सिर्फ प्यार ही नफरत को हरा सकता है।"
उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव और प्यार का उनका संदेश फैलाने की जरूरत पर प्रकाश डाला। गांधी ने क्षेत्र की सुंदरता की प्रशंसा की और चुनाव के बाद कुछ दिन यहां बिताने की इच्छा जतायी।
भाषा अमित